संत रामपाल महाराज के सतसंग का आयोजन
नवरतन वर्मा
रतनगढ़ (नवयत्न) । रतनगढ़ की स्थानीय रैगर धर्मशाला में बड़ी स्क्रीन के माध्यम से तत्व दर्शी संत रामपाल महाराज के सतसंग का आयोजन रखा गया। जिस उन्होंने तत्वज्ञान के माध्यम से बताया कि नानकजी, धर्मदासजी, नामदेव जी, दादूदयाल जी, रामदेवजी और गरीबदासजी जैसे सभी संतो ने एक ही सत्य की ओर संकेत किया है। कि जन्म मरण की सृष्टि तीन गुण—सत्व, रज और तम तथा काल ब्रह्म के दायरे में संचालित है। जिसे वेदों में कविरदेव कहा गया है, जो वास्तव में अविनाशी परमात्मा है और सतलोक में राजा के समान दर्शनीय है वहीं इस संपूर्ण श्रृष्टि का मालिक है। वहां जाकर ही जीव जन्म मरण से मुक्त हो सकता। उसी परमात्मा को सभी संतो ने कबीर साहेब कहा है सत्संग के दौरान ललित प्रजापत, मेहुल शर्मा, दिलीप सिंह , राधेश्याम प्रजापत, टीकूराम जाट, रामकुमार मेघवाल, आदित्य माली, भंवरलाल रेगर, शंभुदयाल सोनी, रामेश्वर प्रजापत, ऋषभ पंवार, उत्तम सोनी , विमला प्रजापत, बीरबल जाट, पुष्पा प्रजापत, कंचन माली, सरोज प्रजापत, नीलम राजपूत, सुलोचना माली, मुखी मेघवाल, प्रेमा प्रजापत आदि सतसंग प्रेमी उपस्थित थे।