महनसर-भीखनसर गांव में पहली बार रोडवेज पहुंची, ग्रामीणों ने किया स्वागत
निसं
बिसाऊ (नवयत्न)। महनसर और भीखनसर गांव में शुक्रवार को पहली बार रोडवेज बस पहुंची तो ग्रामीणों की खुशी देखते ही बनी। चूरू आगार की बस के पहुंचने पर ग्रामीणों ने चालक-परिचालक का साफा, शॉल और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। बस के मडगार्ड पर स्वास्तिक बनाकर ग्रामीणों ने बस सेवा के नियमित संचालन की कामना की और लड्डू खिलाए। नई रोडवेज सेवा शुरू होने से महनसर और भीखनसर के ग्रामीणों को जयपुर, सीकर, नवलगढ़ और मंडावा जाने के लिए सीधी परिवहन सुविधा मिल गई है। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को किराए में छूट मिलेगी। निजी बसों की तुलना में रोडवेज का किराया भी कम है। बस सुबह 7.05 बजे चूरू से रवाना होकर 8 बजे महनसर पहुंची। पहले दिन महनसर से 20 से अधिक यात्रियों ने टिकट लेकर सफर किया। महनसर से भीखनसर होते हुए बस जयपुर जाएगी। स्वागत करने वालों में गोविंद प्रसाद खेतान, मुस्ताक खान, खानू खान, जगदीश कसवा, महेंद्र सिंह शेखावत, नवाब खान, उम्मेद सिंह गौड़, सरोज सिंह, रोहित चौधरी, इकबाल खान, असगर खान, असलम चेजारा, त्रिलोक टेलर, हेमंत सर्वा, जब्बार नाई, सब्बीर खान, मुकेश, बाबूलाल प्रजापत और लियाकत खान सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
15 रुपए की जगह अब 5 रुपए किराया
ग्रामीणों के अनुसार बिसाऊ से महनसर की करीब 5 किलोमीटर दूरी के लिए निजी बस में 15 रुपए किराया देना पड़ता था। अब रोडवेज में यही सफर 5 रुपए में होगा। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, छोटे दुकानदारों, पशु कारोबारियों और रोजाना आवागमन करने वालों को फायदा मिलेगा।
पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद
ग्रामीण भंवरलाल सर्वा ने बताया कि रोडवेज सेवा शुरू होने से महनसर और मंडावा में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जयपुर व अन्य शहरों में रहने वाले प्रवासियों, परीक्षा देने जाने वाले विद्यार्थियों, महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को भी सुविधा मिलेगी। पर्यटन विशेषज्ञ राजेश शर्मा ने कहा कि बस सेवा को नियमित बनाए रखने के लिए ग्रामीणों को अधिक से अधिक रोडवेज से सफर करना होगा। पर्याप्त यात्री नहीं मिलने पर सेवा बंद होने का खतरा भी रहता है।
भीखनसर में भी हुआ स्वागत
बस महनसर से भीखनसर पहुंची तो प्रशासक सरपंच शीशराम चौधरी और ग्रामीणों ने परिचालक सुनिता का साफा पहनाकर स्वागत किया। सरपंच ने बताया कि बस भीखनसर होते हुए जयपुर जाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों गांवों को पहली बार रोडवेज सेवा मिलना महादेव सिंह चौधरी के प्रयासों का परिणाम है।