छात्रों को बाल विवाह, घरेलू हिंसा पर जागरूक किया

श्रीराम तिवाड़ी 

 

नोखा (नवयत्न)। बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। तालुका विधिक सेवा समिति नोखा द्वारा आयोजित इस शिविर में स्कूली विद्यार्थियों को कानूनों की जानकारी देकर उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बीकानेर के निर्देशानुसार आयोजित हुआ। शिविर का संचालन तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष लीलूराम सिहाग के मार्गदर्शन में किया गया।

 

8वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स को दी जानकारी

 

कार्यक्रम के तहत राजकीय राठी उच्च माध्यमिक विद्यालय और आदर्श राजस्थान पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय, नोखा के कक्षा 8 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को संबोधित किया गया। उन्हें बाल विवाह निषेध अधिनियम और घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। पैनल अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह राठौड़ ने छात्रों को बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है, जो बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उन्हें अपने आसपास कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले, तो वे तुरंत प्रशासन या हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें।

 

घरेलू हिंसा के बारे में बताया

 

तालुका विधिक सेवा समिति के सचिव ओमप्रकाश देवड़ा ने घरेलू हिंसा के विभिन्न रूपों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि शारीरिक उत्पीड़न के साथ-साथ मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न भी घरेलू हिंसा की श्रेणी में आता है। देवड़ा ने महिलाओं और बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। पैरा लीगल वॉलिंटियर साहिल खान ने विद्यार्थियों को कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद व्यक्ति निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठा सकते हैं।

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