यूनाइटेड इंश्योरेंस बीमा कंपनी को देना होगा 4.19 लाख का क्लेम, मानसिक संताप का हर्जाना भी
उपभोक्ता को मिली बड़ी राहत: बीमा कंपनी 4.19 लाख रुपये ब्याज सहित चुकाने के लिए बाध्य
जयशंकर जांगिड़
झुंझुनू (नवयत्न)। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग झुंझुनूं के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि आयोग ने एवं सदस्य प्रमेंद्र कुमार सैनी की बैंच ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को उपभोक्ता को वाहन क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि कुलोठ खुर्द निवासी रमजान ने परिवाद दायर किया कि उसका बोलेरो वाहन बीमित था तथा 19 मार्च 2017 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना में वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बीमा कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम निरस्त कर दिया कि दुर्घटना के समय वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी हुई थीं।
आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी यह साबित करने में असफल रही कि दुर्घटना का कारण अधिक सवारियां होना था। आयोग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग एवं उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए माना कि केवल अधिक सवारियां होने मात्र से बीमा दावा खारिज नहीं किया जा सकता, जब तक यह सिद्ध न हो कि दुर्घटना उसी कारण से हुई हो।
आयोग ने बीमा कंपनी द्वारा नियुक्त सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर परिवादी को 4 लाख 19 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि, परिवाद दायर करने की तिथि 23 अगस्त 2018 से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। इसके अतिरिक्त मानसिक संताप के लिए 55 हजार रुपये तथा परिवाद व्यय के रूप में 5 हजार 500 रुपये भी देने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने आदेश में कहा कि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर बीमा कंपनी को संपूर्ण राशि पर 12.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
आयोग ने यह भी टिप्पणी की है कि एक बीमा कंपनी से यह उम्मीद नहीं की जाती कि वह केवल अपने मुनाफे की परवाह करेगी।