उपजिला अस्पताल में मरीजो का तांता, टेक्निशियन पड़ रहे कम
श्रवण सारस्वत
रींगस (नवयत्न) । सरकारी अस्पताल के कमोन्नत होकर उपजिला अस्पताल में तब्दील होने के बाद मरीजो की सख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। संस्थान पर विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के कारण रोगी भार पहले की तुलना मे लगभग दोगुना हो गया है परन्तु फार्मेसी एवं लैब मे कार्मिकों की संख्या मे किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। इससे यहाँ संसाधन हाफने लगे है।

उपजिला अस्पताल में फार्मासिस्ट व लैब टेक्निशियन की कमी से घंटों लाइने लग रही है। इस समय सरकारी अस्पताल की लैब में जांचों की संख्या मे इजाफा होकर 56 से 122 तक पहुंच गई है। वही लैब मे जाँच के लिये दिन भर में 450-500 मरीज पहुंच रहे है। इससे मरीजो को समय पर जांच नहीं मिल पा रही। घंटों कतार में खड़े होकर मरीजो को अपनी बारी का इन्तजार करना पड रहा है। जानकारी के अनुसार उपजिला अस्पताल में इन दिनों ओपीडी 1 हजार के आस पास चल रही है। इसके मुकाबले यहां पर केवल दो दवा वितरण केंद्र एवं तीन फार्मासिस्ट की ही नियुक्ति है। जबकि मरीजों की संख्या के अनुसार 5 दवा वितरण केंद्र एवं लगभग 8 फार्मासिस्ट के करीब होने चाहिए। इससे मरीजो को घंटों लाईन में लगने से छुटकारा मिल सकता है। वही मरीजो की माने तो उन्हें लैब में अपनी ब्लड सहित अन्य की जाच के लिए घंटों इन्तजार करना पड रहा है। यहां पर भी केवल 3 लैब तकनिशियन ही कार्यरत है। जबकि संस्थान पर 5 पद स्वीकृत है एवं 2 पद रिक्त चल रहे है।जबकि मरीजों के आकड़ों के अनुसार यहां पर स्वीकृत पदों के अलावा 3 अतिरिक्त लेब तकनिशियनों की आवश्यकता है। इससे मरीजो को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। वहीं अब उपजिला अस्पताल में 122 प्रकार की जांचे शुरू हो गई है लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों की कमी के चलते मरीजो को बाहर से भी जाच करवानी पड रही है। इससे मरीजो पर अतिरिक्त भार पड रहा है।
क्या कहते है अधिकारी उपजिला अस्पताल में लगातार संसाधनों को बढ़ाया जा रहा है। जो कमी महसूस हो रही है इसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है जल्द ही अतिरिक्त संसाधन व मैन पावर मिल सकेंगे।
डॉ जितेन्द्र सिंह निठारवाल, पीएमओ, उपजिला अस्पताल रींगस