छिंपा समाज ने की मिशाल पेश, एक रुपए और बिना दहेज के शादी की सनपन्न
निसं
साण्डवा (नवयत्न) । बदलते समय में जहां शादियों में बढ़ते खर्च और दहेज की परंपरा को पूरी कर परिवार कर्ज तले दब रहे है ऐसे समय मे यह शादी पुरे क्षेत्र मे चर्चा का विषय बनी रही, वहीं चूरू जिले की बीदासर तहसील के गांव साण्डवा के एक (दर्जी) छिंपा परिवार ने सादगी और सामाजिक संदेश देने को लेकर यह विवाह संपन्न कर समाज के सामने प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। मघाराम दर्जी ने बताया कि साण्डवा गांव मे एक (दर्जी) छिंपा परिवार और बीकानेर जिले के नोखा गांव के भाटी परिवार ने बिना दान-दहेज के विवाह कर (दर्जी) छिंपा समाज में एक अनूठी मिसाल कायम की है। नोखा वाले परिवार में आयुष्मान दीपक पुत्र मनोजकुमार बारा भाटी निवासी नोखा का विवाह 26 अप्रेल को साण्डवा गांव निवासी ज्योति भाटी पुत्री श्री भगवान भाटी (दर्जी) छिंपा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर नोखा के छिंपा समाज के परिवार ने दहेज समाज की संमठावनी व शादी मे देने वाले बेस को बंद करके शादी में शगुन के रूप में मात्र एक रुपए और नारियल स्वीकार किया। जिससे पुरे क्षेत्र मे (दर्जी) छिंपा समाज मे एसी शादी की पहल करने पर साण्डवा मे छिंपा परिवार को बढ़ाई दी और समाज के लोगो ने अपने समाज मे आगे सभी शादियों मे इसी प्रकार शादियां करने की जरूरत बताय जिससे परिवार कर्ज तले दबने से बच सके और आगे बढ़ सके। गांव मे भी सभी ग्रामीणों ने इस शादी की पहल की खूब सरहना की।