श्रद्धा और अच्छे कर्मों से ही समाज का कल्याण संभव
डी. के. सैनी
जयपुर (नवयत्न)। राजधानी जयपुर के करतारपुरा फाटक स्थित विजय नगर कॉलोनी इन दिनों श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ से भक्तिमय माहौल में सराबोर है। “देवाश्रय” परिसर में 24 मई तक आयोजित इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा का आयोजन महामंडलेश्वर राम प्रिय दास महाराज के सानिध्य में किया जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता एवं धर्म प्रचारक पं. श्री 108 श्री श्याम दास महाराज व्यासपीठ से श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करवा रहे हैं। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित हो रही है।
इस अवसर पर पत्रकारों से भगवत चर्चा करते हुए महामंडलेश्वर राम प्रिय दास महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति के सभी धर्मग्रंथ और धार्मिक साहित्य समाज को शिक्षित और संस्कारित करने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन वर्तमान समय में लोगों का उनसे दूर होना समाज में विघटन का कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मा और परमात्मा में कोई अंतर नहीं है, क्योंकि आत्मा स्वयं परमात्मा का ही अंश है।
महाराज ने कहा कि समाज में फैली भ्रांतियों के कारण लोग महाभारत जैसे महान ग्रंथ को घर में रखने से भी कतराने लगे हैं। ज्ञान के अभाव में लोग राम और कृष्ण तथा राधा और रुक्मणी में भेद करने लगे हैं, जबकि भगवान की सभी लीलाएं अलौकिक हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन लौकिक है, इसलिए ईश्वर की लीलाओं को सांसारिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए।
पूजा-पद्धति पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बिना श्रद्धा के कोई भी पूजा-अर्चना या धर्म कर्म सफल नहीं हो सकता। अच्छे कर्मों और सकारात्मक सोच से ही समाज का कल्याण संभव है। उन्होंने बताया कि ईश्वर की प्रेरणा और समाज के सहयोग से अब तक छोटे गांवों में 500 से अधिक जीर्ण-शीर्ण मंदिरों का पुनर्निर्माण करवाकर उनमें भगवान की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा करवाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास संसाधनों की कमी होती है, जबकि जिनके पास संसाधन हैं, उन्हें सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। ऐसे में जब समाज और श्रद्धा एक साथ जुड़ते हैं तो कठिन से कठिन कार्य भी सरल हो जाता है।
आयोजन समिति के अनुसार 24 मई को शाम 5 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक प्रेमभाया सरकार का भक्तिमय सत्संग भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल विजय नगर,करतारपुरा फाटक रखा गया है। आयोजनकर्ता ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि यह आयोजन स्व. चंद्र किशोर शर्मा और स्व. विजय लक्ष्मी शर्मा की स्मृति में कराया जा रहा है। कश्यप परिवार ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।