जमीन दान से बड़ा कोई दान नहीं, स्वामी परिवार ने पेश की मिसाल : भागीरथ सिंह राठौड़

ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । राजलदेसर के निकटवर्ती ग्राम पंचायत जेगनिया में पंचायत भवन निर्माण के लिए भामाशाह बुद्धरदास स्वामी परिवार द्वारा 2 बीघा भूमि दान किए जाने पर पंचायत भवन परिसर में सम्मान एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने स्वामी परिवार का स्वागत कर उनके इस जनहितकारी योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिला उपाध्यक्ष भागीरथ सिंह राठौड़ थे। विशिष्ट अतिथियों में रतनगढ़ के पूर्व पालिकाध्यक्ष शिव भगवान कम्मा परसनेऊ मंडल अध्यक्ष छोटूसिंह , बजरंग गुर्जर पवन सिंह कुसुमदेसर, जगदीश सिंह राठौड़ (पड़ीहारा), भजनदास स्वामी, परमेश्वर मेघवाल (सिमसिया) ओमप्रकाश कालेर तथा पुरखाराम सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता गिरधारी सिंह राठौड़ ने की समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि भागीरथ सिंह राठौड़ ने कहा कि जमीन दान से बड़ा कोई दान नहीं होता। उन्होंने कहा कि अपनी कमाई का हिस्सा समाजहित में लगाना, जरूरतमंदों की सेवा करना तथा जनकल्याण के कार्यों में सहयोग देना सबसे बड़ा पुण्य है। स्वामी परिवार ने पंचायत भवन निर्माण के लिए भूमि दान देकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिससे समाज के अन्य लोग भी प्रेरणा लेंगे।इस अवसर पर पवन सिंह कुसुमदेसर ने कहा कि धन और संपत्ति तो बहुत लोगों के पास होती है, लेकिन उसे समाजहित में समर्पित करने का बड़ा दिल बहुत कम लोगों के पास होता है। बुद्धरदास स्वामी परिवार ने अपनी उदारता और सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए जो कार्य किया है, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता गिरधारी सिंह राठौड़ ने कहा कि पंचायत भवन निर्माण के लिए लंबे समय से भूमि की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्वामी परिवार ने प्रमुख स्थान पर भूमि दान देकर पंचायत के विकास में अहम भूमिका निभाई है उन्होंने परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा जताई। पंचायत भवन के लिए भूमि दान करना गांव के विकास और जनहित की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक कदम है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
समारोह में गणेशदास स्वामी, गिरधारीदास स्वामी, तुलसीदास स्वामी, सुरजाराम शीलू, किरण स्वामी, जमन सिंह, किशनाराम शीलू, मांगीलाल स्वामी, जानकीदास स्वामी, खेमाराम शीलू, बजरंगदास भामू, मांगीलाल मेघवाल, जीतू सिंह, लिखमाराम, मोहनराम, सोहनराम, नाथाराम नाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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