सीवर टैंक में जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत
डी के सैनी
जयपुर (नवयत्न ) । शहर के करधनी थाना क्षेत्र के झोटवाड़ा जोन स्थित शेखावत मार्ग, निवारू रोड (वार्ड संख्या 24) में शुक्रवार दोपहर सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सीवर चैम्बर में बनी जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
थानाधिकारी सवाई सिंह ने बताया कि सीवरेज टैंक में सफाई कार्य के दौरान अचानक गैस बनने से दोनों मजदूरों की हालत बिगड़ गई और वे मदद के लिए चिल्लाने लगे। सूचना मिलते ही करधनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को बाहर निकालकर कांवटिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान पुरानी बस्ती निवासी अजय और बनीपार्क निवासी रामबाबू के रूप में हुई है। दोनों के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रथम दृष्टया मौत का कारण जहरीली गैस से दम घुटना माना जा रहा है। पूरे मामले की जांच जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम जयपुर के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि मामले में लापरवाही सामने आई है, जिसकी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह भी जांच होगी कि ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं तथा निर्धारित एसओपी का पालन किया गया या नहीं। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इधर वाल्मीकि सफाई कर्मचारी संगठन अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने बताया कि इस हादसे को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया है। डंडोरिया ने आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा बिना सुरक्षा मानक उपकरणों के सीवर मेनहोल की सफाई करवाई जा रही थी, जिससे मीथेन गैस के कारण दोनों कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन को अवगत कराया गया था, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई कर रहे हैं और सफाईकर्मियों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
संगठन ने जिम्मेदार ठेकेदार तथा संबंधित अधिकारियों की गिरफ्तारी, मृतकों के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी और एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी करने की मांग भी उठाई है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो जयपुर सहित पूरे राजस्थान में सफाई कार्य का बहिष्कार किया जाएगा और मृतकों का पोस्टमार्टम भी नहीं होने दिया जाएगा।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं और हादसे के कारणों की गहन पड़ताल की जा रही है।