वामन द्वादशी उत्सव मनाया
महेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न)। नगर आराध्य मंदिर श्री गोपीनाथजी श्रीमाधोपुर में विजया द्वादशी पर भगवान श्री हरि के पंचम अवतार श्री वामन देव के आविर्भाव का उत्सव हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर के महंत डॉक्टर मनोहर शरण दास से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रात: काल मंगला आरती के पश्चात भगवान का जन्म के उपलक्ष में पंचामृत अभिषेक किया गया। विशेष फूलों से प्रतिमाओं का श्रृंगार किया गया प्रात: 8:30 बजे भगवान की श्रृंगार आरती हुई। प्रात: 9:30 बजे से भगवान वामन देव के निमित्त हरि नाम संकीर्तन, वामन स्तुति, वामन स्तोत्र का सामूहिक पाठ किया गया। मंदिर महंत डॉ मनोहर शरण दास द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण अंतर्गत अष्टम स्कंध के 15 से 22 अध्याय तक की श्री अदिति एवं कश्यप ऋषि की संतान श्रीश्री वामन देव की कथा सरस एवं भावपूर्ण सभी भक्तों को सुनाई। भगवान वामन का अवतार बली के अहंकार को मिटाने तथा राजा बलि के द्वारा देवताओं को युद्ध में हारने के पीछे ब्राह्मणों की सेवा एवं आराधना का भागवत अनुसार विस्तृत विवेचन किया गया। राक्षसों के गुरु भृगु ऋषि के पुत्र शुक्राचार्य द्वारा दी गई गुरु आज्ञा का उल्लंघन बली द्वारा करने पर बली को बंधना पड़ा तथा अपना राज्य भी छोड़ना पड़ा। भगवान गोपीनाथजी की प्रतिमा का वामन देव का स्वरूप प्रदान करते हुए विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान वामन देव को 56 प्रकार के व्यंजनों एवं मेवा का भोग अर्पण किया गया। तत्पश्चात दोपहर 12:30 बजे भगवान श्री वामन देव की महा आरती हुई जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान को आगामी 52 मन्वंतरों तक सुख एवं समृद्धि की कामना की। आरती के बाद में पंचामृत पंजीरी का वितरण किया गया एवं भक्तों को पंगत प्रसादी कराई गई। रात्रि में भगवान वामन देव के आविर्भाव दिवस की बधाईगान किया गया।