फैसला सुबह : शहरी मतदाता कमल या हाथ के साथ

संजय सोनी 

झुंझुनू (नवयत्न)। नगर परिषद झुंझुनू के 60 वार्डों के लिए 9 सितम्बर को हुए मतदान के बाद अब सोमवार, 14 सितम्बर को मतगणना के साथ ही ईवीएम में कैद जनादेश सामने आएगा। इसके साथ यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि झुंझुनू की शहरी जनता ने नगर परिषद की सत्ता की चाबी भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल को सौंपी है या कांग्रेस के हाथ को।
नगर परिषद चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने की होड़ लगभग हर वार्ड में दिखाई दी। भाजपा के प्रति उम्मीदवारों की रुचि का एक बड़ा कारण देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार होना रहा, वहीं कांग्रेस के प्रत्याशियों ने सरकार विरोधी माहौल और मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन को अपने पक्ष में मानते हुए चुनावी मैदान में पूरी ताकत लगाई।
टिकट वितरण से लेकर मतदान तक दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों और समर्थकों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए। अब टिकट की जद्दोजहद, चुनाव प्रचार और मतदान के बाद सभी की निगाहें ईवीएम खुलने और सामने आने वाले परिणाम पर टिकी हैं।

आमजन की जुबां पर निर्दलीयों की बागडोर

हालांकि चुनाव परिणाम से पहले शहर की चौपालों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक एक चर्चा लगातार सुनाई दे रही है कि इस बार नगर परिषद झुंझुनू की बागडोर निर्दलीय पार्षदों के हाथों में जा सकती है। बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों के जीतने के कयास लगाए जा रहे हैं। यही नहीं, चुनावी आकलन करने वाले सट्टा बाजार में भी निर्दलीयों के मजबूत प्रदर्शन की चर्चा बताई जा रही है।
हालांकि ये सभी बातें फिलहाल कयास और चुनावी आकलन भर हैं। असली तस्वीर ईवीएम खुलने के बाद ही सामने आएगी और जनता का जनादेश ही अंतिम एवं सर्वमान्य फैसला होगा।

बहुमत के करीब भाजपा-कांग्रेस तो निर्दलीयों की पौ बारह

नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए 31 पार्षदों का बहुमत जरूरी है। ऐसे में यदि भाजपा या कांग्रेस बहुमत के आंकड़े के आसपास पहुंचती है, लेकिन स्पष्ट बहुमत से कुछ सीट पीछे रह जाती है, तो निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका अचानक सबसे महत्वपूर्ण हो जाएगी। ऐसी स्थिति में निर्दलीय पार्षद सत्ता के समीकरण में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं और उनकी राजनीतिक पूछ बढ़ना तय है।

वार्ड 49 पर सबसे ज्यादा नजर

इन चुनाव परिणामों में वार्ड नंबर 49 का मुकाबला भी खास चर्चा में रहेगा। यहां भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भाम्बू के दामाद मनु धनकड़ के सामने भाजपा के बागी प्रत्याशी डॉ. कमल चंद सैनी मैदान में हैं। इस सीट का परिणाम केवल एक वार्ड का नतीजा नहीं, बल्कि भाजपा के अंदरूनी राजनीतिक समीकरणों और विधायक की भूमिका को लेकर भी कई सवालों के जवाब देगा।

स्थापित पार्षदों की भी अग्निपरीक्षा

कई वार्डों में पहले से राजनीति में सक्रिय और स्थापित पार्षदों की भी आज अग्निपरीक्षा होगी। मतदाता ने पुराने चेहरे पर भरोसा जताया है या इस बार बदलाव का रास्ता चुना है, इसका फैसला भी ईवीएम खुलने के साथ सामने आएगा। ऐसे में सवाल यही है लगातार वही चेहरा या इस बार नया?

आज मतगणना के साथ न केवल 60 वार्डों के पार्षदों का फैसला होगा, बल्कि झुंझुनू नगर परिषद के आगामी बोर्ड की तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो जाएगी।

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