पेड़ों की संभावित कटाई के विरोध में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । राजलदेसर के निकटवर्ती ग्राम पंचायत बण्डवा रोही में प्रस्तावित सोलर प्रोजेक्ट के लिए बड़ी संख्या में खेजड़ी और रोहिड़ा के पेड़ों की संभावित कटाई को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सोमवार को दर्जनों किसान एवं ग्रामीण एकजुट होकर राजलदेसर तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौंपकर पर्यावरण संरक्षण की मांग उठाई। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि कुछ दिन पूर्व एकोग्रिड सोलर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड, गोपालपुरा बाईपास, दुर्गापुरा (जयपुर) द्वारा करीब 400 बीघा भूमि का एग्रीमेंट किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार उक्त भूमि पर लगभग 1200 से 1400 खेजड़ी एवं रोहिड़ा के पेड़ मौजूद हैं। उनका कहना है कि यदि इन पेड़ों की कटाई की जाती है तो इससे बण्डवा सहित आसपास के पूरे क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन और पारिस्थिति तंत्र पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि खेजड़ी और रोहिड़ा जैसे वृक्ष मरुस्थलीय क्षेत्र की पहचान हैं तथा इनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। पेड़ों की कटाई से न केवल शुद्ध वातावरण प्रभावित होगा, बल्कि पक्षियों एवं वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी नष्ट हो जाएगा। इसके अलावा सोलर प्लांट के लिए उपजाऊ कृषि भूमि के उपयोग से किसानों के सामने भविष्य में खाद्यान्न उत्पादन एवं पशुओं के लिए चारे की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि संभावित पेड़ कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों एवं संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो वे व्यापक जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान कामरेड भादर भामू, सांवरमल ढाका, भीम आर्मी अध्यक्ष सरवन बारूपाल, राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण संगठन के जिला उपाध्यक्ष कालूराम तंवर, विकास शर्मा, कृष्ण गोपाल दाधीच, गोपाल राम, सरवन सिंह, भगवान नारायण राम, मुरलीधर, बजरंग लाल, नौरंग राम, मदनलाल, दौलत सिंह, किशन सिंह, कानाराम, भैराराम, राकेश, दुर्गेश, शिवलाल सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।