सूदखोरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विप्र फाउंडेशन का प्रदर्शन

 

 

निलेश मुद्गल 

झुंझुनूं (नवयत्न) । विप्र फाउंडेशन के तत्वावधान में जिला संयोजक उमाशंकर महमिया एवं संरक्षक एडवोकेट सुशील जोशी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर को ज्ञापन सौंपकर सूदखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि 16 मई को विमल कुमार शर्मा ने कथित सूदखोरों की धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के दिन ही मृतक के पिता बनवारी लाल शर्मा द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई गई थी, लेकिन अब तक नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों एवं समाज में भारी रोष व्याप्त है।

 

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में भी कई दोषियों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। इसके बावजूद पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होना गंभीर विषय है। विप्र फाउंडेशन पदाधिकारियों, मृतक के परिजनों, ग्रामवासियों तथा बार एसोसिएशन के सदस्यों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया और शीघ्र न्याय की मांग की।

ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें नामजद सभी आरोपियों को पांच दिन के भीतर गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार से सूद के नाम पर वसूली गई राशि वापस दिलाने, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने तथा एएसआई नरेंद्र सिंह को बर्खास्त करने की मांग शामिल है। संगठन ने चेतावनी दी कि पांच दिवस में उचित कानूनी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इस दौरान जिला संगठन महामंत्री रामगोपाल महमिया, एडवोकेट बाबूलाल शर्मा, रमेश चौमाल, श्याम सुंदर दाधीच, राकेश सहल, विकास पुरोहित, शिवकुमार जेवरिया एडवोकेट, जितेंद्र निर्मल एडवोकेट, कृष्ण कुमार शर्मा एडवोकेट, प्रमोद शर्मा, चिरंजीलाल शर्मा, सुधीर शर्मा, संजीव शर्मा, नेमीचंद शर्मा, नौरंगराम शर्मा, मदन सिंह शेखावत, सांवर सिंह शेखावत, कमलेश शर्मा, विकास शर्मा, दिलीप शर्मा, एडवोकेट अनीता गुर्जर, एडवोकेट सोनू कुमारी, एडवोकेट लक्ष्मीकांत गौड़ सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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