दो माह से बूंद-बूंद पानी को तरसे वार्डवासि
निसं
खेतड़ी नगर (नवयत्न) । भीषण गर्मी के बीच गोठड़ा ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या 1 व 2 में पिछले करीब दो माह से गहराई पेयजल संकट को लेकर मंगलवार को वार्डवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। पानी की नियमित सप्लाई नहीं होने से परेशान महिलाएं व पुरुषों ने नानूवाली बावड़ी-सिंघाना नेशनल हाईवे पर एकत्रित होकर जलदाय विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश कर लोगों को शांत कराया। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन में पानी की सप्लाई सुचारू नहीं हुई तो नेशनल हाईवे जाम कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। वार्डवासी मंजू देवी ने बताया कि क्षेत्र में कुंभाराम नहर होने के बावजूद उन्हें नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा, जबकि भीषण गर्मी में पानी की जरूरत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि दोनों वार्डों में रहने वाले लोग पिछले दो महीनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। कई परिवारों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाकर घर का काम चलाना पड़ रहा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जलदाय विभाग समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है।
महिलाओं ने बताया कि सप्लाई के दौरान मात्र दस मिनट के लिए पानी छोड़ा जाता है। जब अधिक समय तक पानी देने की बात कही जाती है तो कर्मचारी टंकी खाली होने की बात कहकर जवाब दे देता है। ऐसे में पर्याप्त पानी नहीं मिल पाने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि गोठड़ा के वार्ड 1 व 2 में पिछले दो बार से पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर वार्डवासियों से बातचीत की गई है और सप्लाई को जल्द रिस्टोर करने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि आगे से पानी की सप्लाई नियमित रूप से जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में शिल्पी, मंजू देवी, कृष्णा देवी, जवानी देवी, तेजपाल मेघवाल, मनोज वाल्मीकि, सुलोचना, संतोष देवी, आंची, बबीता, विद्वा देवी, ममता, भगोती देवी, रेणु, सुमित्रा, अर्चना, रेशमी, कल्पना, नीता, बिमला, सुनीता, सुशीला, शांति देवी, पूनम, सुमन, शारदा, सुगनी, कमला, लीला देवी, संतरा सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे।
मजदूरी करें या पानी लाएं
वार्डवासियों ने बताया कि दोनों वार्डों में अनुसूचित जाति एवं मजदूर वर्ग के परिवार अधिक संख्या में रहते हैं, जो पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। तेजपाल मेघवाल, कृष्णा देवी, जवानी देवी, मनोज वाल्मीकि व सुलोचना ने बताया कि परिवार के सामने रोजी-रोटी और पानी के बीच चुनाव की स्थिति बन गई है। दिन में मजदूरी पर जाएं या फिर दूर से पानी भरकर लाएं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अधिकांश परिवार पानी के टैंकर भी नहीं मंगवा सकते। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की किल्लत के कारण कई परिवारों को अस्थायी रूप से घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ रहा है। महिलाओं को सुबह से देर शाम तक पानी की तलाश में भटकना पड़ता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं।