ट्रस्ट की नितियों के चल रहे धरने के 51 दिन पूरे
निसं
खेतड़ी (नवयत्न ) ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और आम रास्तों को अवरुद्ध करने के विरोध में चल रहा जनांदोलन अब तेज होने लगा है। पिछले कई दिनों से एसडीएम कोर्ट के बाहर जारी धरने पर बैठे लोगों ने 51 दिन पूरे होने पर विरोध जताया। इस। दौरान ग्रामीणों ने 11 भी को मुख्य बाजार में आमसभा का आयोजन करने का निर्णय लिया है। खेतड़ी जनसेवा समिति के गोकुलचंद सैनी ने बताया कि खेतड़ी कस्बा रियासत कालीन समय के विश्व प्रसिद्ध कस्बा है। रियासत कालीन समय से खेतड़ी में अनेक भवनों, महल एवं किलों का निर्माण करवाया गया था। भोपालगढ़ किला भी ऐतिहासिक रूप से रियासत कालीन समय में बनाया गया था, जिसका उपयोग तत्कालीन समय में सामरिक एवं रिहायसी निवास के लिए किया जाता था। भोपालगढ़ ग्राम में आज भी लोग रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ट्रस्ट के लोगों ने कब्जा करने का प्रयास करते हुए मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। भोपालगढ़ किले के मुख्य द्वार पर गेट लगाने को लेकर क्षेत्र की जनता में काफी आक्रोश है। इसके अलावा खेतड़ी कस्बे में कई स्थानों पर ट्रस्ट ने कब्जा कर आवागमन के रास्ते में दिवार बनाकर रास्तों को बंद किया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने भोपालगढ़ मार्ग पर लगे अवैध गेट को तुरंत हटाया जाने, व्यापारियों और ग्रामीणों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाने,
सार्वजनिक संपत्तियों और प्राचीन मंदिरों पर ट्रस्ट के हस्तक्षेप को रोका जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि यदि प्रशासन ने जल्द मामले में गंभीरता नहीं दिखाई तो ग्रामीणों की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर गोकुल चंद सैनी, गजेन्द्र पारीक, राजेश सांखला, अरुण पारीक, लखन सिंह, लक्ष्मण सिंह सोढ़ा, लक्ष्मण कुमावत,
मादूराम सैनी, सुरेश पांडेय, महेन्द्र कुमार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।