“मनमाने एमआरपी पर सख्त कानून की मांग, ग्राहक पंचायत बोली- कंपनियां और व्यापारी मिलकर उपभोक्ताओं को लगा रहे चूना”
गजेंद्र सिंह
सरदारशहर (नवयत्न)। बाजार में उत्पादों पर मनमाने अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित कर उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूलने के मामलों को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने केंद्र सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग उठाई है। संगठन ने प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा उपभोक्ता मामलों के मंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में एमआरपी तय करने की कोई स्पष्ट सीमा नहीं होने से उपभोक्ताओं का खुलेआम आर्थिक शोषण हो रहा है।
ग्राहक पंचायत के जिला मंत्री राजकुमार गौड़ ने बताया कि संगठन देशभर में एमआरपी व्यवस्था को लेकर जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके तहत केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें एमआरपी के दुरुपयोग और सरकारी तंत्र की निष्क्रियता से पैदा हो रही समस्याओं से अवगत कराया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मौजूदा कानून में यह कहीं निर्धारित नहीं है कि किसी उत्पाद का अधिकतम खुदरा मूल्य किस सीमा तक तय किया जा सकता है। इसी खामी का फायदा उठाकर निर्माता, एजेंट, व्यापारी और खुदरा विक्रेता अपनी सुविधा अनुसार ऊँचा एमआरपी छाप देते हैं, जबकि वास्तविक बाजार मूल्य उससे काफी कम होता है। बाद में ग्राहकों को भारी छूट का लालच देकर सामान बेचा जाता है, जबकि असल में उपभोक्ता से अधिक राशि वसूली जाती है।
संगठन ने मांग की कि सरकार एमआरपी निर्धारण की वैज्ञानिक और पारदर्शी प्रणाली लागू करे तथा उत्पाद की लागत, कर और लाभांश के आधार पर अधिकतम सीमा तय करने संबंधी कानून बनाए। ग्राहक पंचायत का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो बाजार में उपभोक्ता हितों को और अधिक नुकसान होगा। प्रांत सह सचिव डाॅ.प्रभा पारीक ने बताया कि इसी ज्वलंत विषय को लेकर 25 मई को जंतर-मंतर, दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष वैद्य महेंद्र कुमार शर्मा, तहसील अध्यक्ष घनश्याम भोजक , सरिता शर्मा, नीलम चौधरी, जगदीश जोशी, मनोज गौड़,आसाराम मेघवाल, गंगाराम सुथार, शंकरलाल शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।