जर्जर पंप हाउस बन सकता है खतरे का कारण, मानसून में कस्बे को उठाना पड़ सकता है भारी खामियाजा

ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । मानसून शुरू होने में अब करीब एक माह का समय शेष है, लेकिन राजलदेसर कस्बे के बीचों-बीच स्थित गेंनाणी में बना पंप हाउस आज भी बदहाल और जर्जर अवस्था में खड़ा है। हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यह पंप हाउस कभी भी धराशायी हो सकता है, जिससे पूरे कस्बे की जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने के साथ बड़ा हादसा भी हो सकता है। विशेष बात यह है कि पूरे कस्बे के बरसाती पानी की निकासी इसी पंप हाउस के माध्यम से होती है। वर्तमान में यहां 60 एचपी एवं 40 एचपी की मोटर संचालित हो रही है, लेकिन जिस भवन में ये मोटरें लगी हुई हैं वह पूरी तरह जर्जर हो चुका है। पंप हाउस में कार्यरत कर्मचारी भी डर के साये में काम करने को मजबूर हैं। बरसात के दौरान पंप हाउस में पानी भर जाने से खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
करीब तीन वर्ष पूर्व लगभग 8 लाख रुपये की लागत से यहां नया पंप हाउस बनाया गया था, लेकिन बिना उचित मापदंडों के बने इस निर्माण का आज तक कोई उपयोग नहीं हो पाया। स्थिति यह है कि उसमें मोटर तक फिट नहीं हो सकती और वह पूरी तरह नकारा साबित हो रहा है। इससे सरकारी धन की बर्बादी साफ नजर आती है। वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री हरिशंकर भाभड़ा के कार्यकाल में बना पुराना चैंबर भी अब पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। पिछले दो-तीन वर्षों में हुई भारी बारिश के दौरान कस्बेवासियों, व्यापारियों, राजकीय चिकित्सालय आने-जाने वाले लोगों एवं विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो पाया।.एक वर्ष पूर्व गैनाणी की खुदाई करवाई गई थी, लेकिन वर्तमान में वहां चारों ओर कचरा और कीचड़ जमा है। नालों की सफाई नहीं होने के कारण बरसाती पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। जगह-जगह टूटे चैंबर और जमा कीचड़ के कारण कई लोग दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं। गैनाणी में पूर्व में बना रैंप और सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है, लेकिन संबंधित विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही के चलते आज तक उनका पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। पूर्व जिला कलेक्टर पुष्पा सत्यानी, वर्तमान जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा एवं पूर्व उपखंड अधिकारी रामकुमार वर्मा सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर नगर पालिका प्रशासन को आवश्यक निर्देश भी दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।वर्तमान जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक लेकर नालों की सफाई, पंप हाउस मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दे चुके हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित अधिकारी इन आदेशों की कितनी गंभीरता से पालना करते हैं।

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