डॉ. कपिल धाबाई की पुनर्नियुक्ति का विरोध तेज, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । राजकीय चिकित्सालय राजलदेसर में डॉ. कपिल धाबाई की पुनर्नियुक्ति के विरोध में सोमवार को विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने अस्पताल परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर डॉक्टर को तत्काल हटाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते मांग नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में भीम आर्मी, अखिल भारतीय किसान सभा, मेघवाल महासभा, कांग्रेस पार्टी सहित अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील अध्यक्ष कामरेड भादर भामू ने आरोप लगाया कि रतनगढ़ के पूर्व विधायक और डॉ. कपिल धाबाई की कथित सांठगांठ के कारण ही उनकी दोबारा राजलदेसर में नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि जिस डॉक्टर पर गलत उपचार के कारण एक गरीब परिवार के युवक की मौत के आरोप हैं, उस मामले की जांच अभी तक पूरी भी नहीं हुई है। इसके बावजूद उनकी पुनर्नियुक्ति करना न्याय और प्रशासनिक पारदर्शिता के खिलाफ है।
भामू ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच हुए लिखित समझौते में स्पष्ट सहमति बनी थी कि जांच पूरी होने तक संबंधित चिकित्सक की राजलदेसर में नियुक्ति नहीं की जाएगी। लेकिन अब उस समझौते की भावना की अनदेखी की जा रही है, जिससे आमजन में भारी नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी नेताओं के दबाव में प्रशासन आम लोगों की आवाज को नजरअंदाज कर रहा है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई कि पूर्व में हुए लिखित समझौते का सम्मान करते हुए डॉ. कपिल धाबाई को तत्काल प्रभाव से राजलदेसर से हटाया जाए तथा जांच पूरी होने तक उनकी यहां नियुक्ति नहीं की जाए। साथ ही यदि कोई अधिकारी समझौते की अवहेलना करता है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी।
इस दौरान भीम आर्मी अध्यक्ष श्रवण बारूपाल, मेघवाल महासभा अध्यक्ष कालूराम तंवर, कांग्रेस नगर अध्यक्ष जब्बार खोखर, मनोज, गोविंद, भीमराज, हंसराज, बाबूलाल, नबाब निर्वाण , मिर्जाराम, सुरेश, सुगणाराम, एडवोकेट जगदीश, राकेश, सोनू, परमेश्वर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।