एक ही नबर से दौड़ रही तीन बसें सीज, RTO इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह ने की कार्रवाई
नवरतन प्रजापत
चूरू (नवयत्न) । परिवहन विभाग ने झुंझुनूं-चूरू बाईपास पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही पंजीकरण नंबर से संचालित तीन बसों को जब्त (सीज) कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों बसें अवैध रूप से अलग-अलग रूटों पर संचालित की जा रही थीं। इतना ही नहीं, जांच के दौरान तीनों बसों के चेसिस नंबर की प्लेट (चेसिस की टुकड़ी) भी गायब मिली, जिससे इनके फर्जी होने की आशंका और गहरा गई है। RTO इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि एक ही नंबर की तीन बसें अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रही थीं। इनमें एक बस चूरू–झुंझुनूं मार्ग पर, दूसरी अलसीसर–झुंझुनूं रूट पर चल रही थी, जबकि तीसरी बस एक स्कूल परिसर में खड़ी मिली। तीनों पर एक ही पंजीकरण नंबर अंकित था। जांच के दौरान जब बसों के चेसिस की पड़ताल की गई तो तीनों बसों से चेसिस नंबर की पहचान वाली प्लेट ही गायब मिली। प्रारंभिक जांच के आधार पर परिवहन विभाग का कहना है कि ये तीनों बसें मूल (ओरिजिनल) वाहन नहीं हैं, बल्कि फर्जी तरीके से तैयार कर संचालित की जा रही थीं। संबंधित पंजीकरण नंबर वाली असली बस अभी भी सड़क पर चलने की संभावना है, जिसकी तलाश की जा रही है। इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह के अनुसार, तीनों बसें पिछले तीन से चार वर्षों से कथित रूप से अवैध तरीके से संचालित हो रही थीं। आशंका है कि आरसी को सरेंडर या सस्पेंड करवाने के बाद इन बसों का संचालन किया जा रहा था। बसों की वास्तविक स्थिति और पूरा मामला बस मालिक तथा चालकों से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिवहन विभाग ने तीनों बसों को मौके पर ही सीज कर दिया है। अब यह भी जांच की जाएगी कि बसों को कबाड़ से तैयार किया गया या फिर चोरी के वाहनों का इस्तेमाल किया गया। विभाग बस मालिकों के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) सहित अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बस मालिकों पर करीब 15 से 20 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी RTO इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह इस प्रकार की अवैध बसों के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं।