बिसाऊ में छह घंटे झड़ी से बिगड़े हालात, सडक़ें बनी जलमग्न, घरों की छतों से टपका पानी

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बिसाऊ (नवयत्न) । सावन के दौरान शनिवार सुबह बिसाऊ में करीब छह घंटे तक लगातार बारिश का दौर चला। लगातार हुई बारिश से कस्बे के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई घरों की छतों से पानी टपकने लगा, वहीं प्रमुख मार्गों और गलियों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रीराम हवेली क्षेत्र, पश्चिमी दरवाजा, मलसीसर स्टैंड, जांगिड़ भवन और मीणों का मोहल्ला सहित कई इलाकों में सडक़ें घंटों तक पानी में डूबी रहीं। अधिकांश स्थानों पर धीरे-धीरे पानी की निकासी हुई, लेकिन मीणों के मोहल्ले में स्थिति देर शाम तक बनी रही। स्थानीय लोगों के अनुसार सिगतियों के कुएं से जीण माता मंदिर के आगे तक लिंक रोड पर काफी मात्रा में पानी जमा हो गया। यहां बरसाती पानी की निकासी पहले नजदीकी महात्मा गांधी राजकीय स्कूल के खेल मैदान की ओर होती थी। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि कुछ दिन पहले खेल मैदान की ओर पानी की निकासी रोक दी गई। इसके बाद बारिश के पानी की निकासी का कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं होने से समस्या बढ़ गई। लिंक रोड पर पानी जमा रहने से सुबह स्कूली बच्चों को इसी पानी से होकर गुजरना पड़ा। इससे उनके जूते-मोजे और स्कूल ड्रेस खराब हो गए। पुलिस थाना, डिस्कॉम कार्यालय, तहसील कार्यालय, नगर पालिका कार्यालय और आसपास के निजी स्कूलों में जाने वाले लोगों को भी जलभराव के कारण परेशानी झेलनी पड़ी।
मलसीसर स्टैंड पर नाले की मांग
मलसीसर स्टैंड के कपड़ा व्यवसायी इंद्राज चौहान ने नगर पालिका से स्टैंड क्षेत्र में बरसाती पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बड़े नाले का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान यहां बार-बार पानी भर जाता है, जिससे दुकानदारों और आमजन को परेशानी होती है।
ईओ बोले- दोबारा शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
नगर पालिका ईओ सीताराम कुमावत ने बताया कि मीणों के मोहल्ले में गंदे पानी और बरसाती पानी की निकासी के लिए चैंबर निर्माण एवं पाइप लाइन डालने का टेंडर पहले जारी किया गया था। ठेकेदार को कई बार नोटिस देने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया। इसके चलते पालिका ने टेंडर निरस्त कर ठेकेदार की अमानत राशि जब्त कर ली है।
ईओ के अनुसार अब इस कार्य के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही कस्बे के जिन क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव होता है, वहां बरसाती पानी की स्थायी निकासी के लिए योजना तैयार की जा रही है।

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