बैरिकेड्स पर चढ़े प्रदर्शनकारी, कलेक्ट्रेट के बाहर पुलिस से हुई खींचतान, दो बसों में भरकर ले गई पुलिस
अशोक राईका
झुंझुनूं (नवयत्न)। जिला कलेक्ट्रेट पर सोमवार को भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी, एसएफआई और अन्य वामपंथी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचे वामपंथी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के बैरिकेड्स पार करने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें नीचे उतारा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर ही सामूहिक गिरफ्तारी दी। इससे पहले संगठनों के कार्यकर्ता शिक्षक भवन से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।
रास्ते में कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए चल रहे थे। कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पुलिस ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के गेट तक पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढक़र आगे बढऩे लगे। एसएफआई के पदाधिकारियों के साथ वामपंथी नेता महिपाल पूनिया भी बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें नीचे उतारा। इस दौरान कुछ देर तक मौके पर गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
समझौते को बताया किसान विरोधी प्रदर्शन के दौरान महिपाल पूनिया ने कहा कि अमेरिका के साथ किए जा रहे समझौते का असर देश के किसानों और कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस समझौते को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी मांग को लेकर वामपंथी संगठनों ने जिलेभर में आंदोलन किया है।
गिरफ्तारी देने के लिए पहुंचे थे कार्यकर्ता प्रदर्शनकारियों ने जेल चलो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी देने की घोषणा की थी। कलेक्ट्रेट के बाहर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू किया। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं और नेताओं को दो बसों में बैठाया और वहां से ले गई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात रहा। डिप्टी एसपी गोपाल ढाका के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली।