गंगाजल लेकर गांव लौटे कांवडि़ए, शिवालयों में गूंजा ‘हर-हर महादे
मधु दहिया
बुहाना (नवयत्न)। सावन के पावन अवसर पर हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगोत्री से पवित्र गंगाजल लेकर निकले बुहाना क्षेत्र के कांवड़ यात्री मंगलवार को अपने-अपने गांव पहुंचे। ब्रह्ममुहूर्त में गांवों के शिवालयों में पहुंचे कांवडिय़ों का ग्रामीणों ने उत्साह के साथ स्वागत किया। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठे। मेघपुर गांव में कांवडिय़ों के पहुंचने पर ग्रामीणों और परिजनों ने पटाखों, डीजे और जयकारों के साथ स्वागत किया। कांवड़ यात्रियों के वाहनों के काफिले के आगे युवा जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई और कांवडिय़ों को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। शिव मंदिर पहुंचने के बाद कांवडिय़ों ने पवित्र गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, आक के पुष्प, भस्म और चंदन चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा की गई। कांवडिय़ों ने भगवान शिव को प्रसाद चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि, क्षेत्र की खुशहाली और शांति की कामना की। महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। ग्रामीणों की ओर से कांवडिय़ों के लिए प्रसाद और जलपान की व्यवस्था भी की गई। इस दौरान निलेश यादव, रवि दहिया, राहुल खांडा, अंकुश शर्मा, रवि यादव, पंकज दहिया, साहिल सैन, अंकित यादव, उदयभान, रामकिशन, सतबीर, सत्येंद्र, पवन जांगिड़, मुकेश यादव, दीपेंद्र, प्रदीप, ओमवीर, संदीप दहिया, जसवीर, हैप्पी जांगिड़, सुधीर, ब्रह्मप्रकाश, राजकुमार, अक्षय यादव, देवा यादव, राहुल और कैलाश सहित अन्य कांवड़ यात्री मौजूद रहे।