एससी-एसटी समाजों को चुनाव में मिले उचित प्रतिनिधित्व : विकास नरवार
निसं
जयपुर (नवयत्न) । राष्ट्रीय वंचित वर्ग न्याय अधिकार परिषद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास नरवार ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र भेजकर आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायतीराज चुनावों में एससी-एसटी के वंचित और अल्प-प्रतिनिधित्व वाले समाजों को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।
नरवार ने कहा कि लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की सार्थकता तभी है, जब सत्ता और निर्णय प्रक्रिया में लंबे समय से राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित समुदायों को भी भागीदारी मिले। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी वर्गों के भीतर भी कई छोटे, कमजोर और वंचित समुदाय राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं नेतृत्व के अवसरों से पीछे हैं।
उन्होंने मांग की कि एससी-एसटी के लिए आरक्षित वार्डों और निर्वाचन क्षेत्रों में वर्षों से राजनीतिक रूप से वंचित, योग्य, सक्रिय एवं जनाधार वाले कार्यकर्ताओं को टिकट वितरण में प्राथमिकता दी जाए। साथ ही महापौर, नगर परिषद व नगरपालिका अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जिला प्रमुख-उप जिला प्रमुख तथा पंचायत समिति प्रधान-उप प्रधान जैसे नेतृत्वकारी पदों पर भी इन समाजों को अवसर मिले।
नरवार ने कहा कि टिकट और नेतृत्व चयन में संबंधित समाजों के पूर्व राजनीतिक प्रतिनिधित्व का तथ्यात्मक आकलन किया जाए और ‘जिसे अवसर कम मिला है, उसे प्राथमिकता’ के सामाजिक न्याय के सिद्धांत को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि परिषद पिछले करीब दो वर्षों से केंद्र और राज्य सरकार से वंचित एससी-एसटी समुदायों को न्यायोचित अधिकार और प्रतिनिधित्व देने की मांग करती आ रही है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की सात न्यायाधीशों की संविधान पीठ के 1 अगस्त 2024 के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि एससी-एसटी वर्गों के भीतर असमानताओं को ध्यान में रखते हुए आरक्षण के लाभों के न्यायसंगत वितरण के लिए उप-वर्गीकरण की संवैधानिक स्वीकार्यता का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
नरवार ने कहा कि सामाजिक न्याय केवल शिक्षा और सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राजनीतिक सत्ता और नेतृत्व में भी इसकी स्पष्ट भागीदारी दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने सरकार से आगामी चुनावों में वंचित समाजों को केवल आश्वासन के बजाय वास्तविक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की।