अध्यक्ष का पद सामान्य सीट होने से बढ़ेगा निकाय चुनावी माहौल
निसं
लोसल (नवयत्न)। नगरपालिका अध्यक्ष पद वार्डों की लाटरी निकलने एवं आदर्श आचार संहिता लागू होने से लोसल नगरपालिका चुनाव की गुंज अब शहर से लेकर नगरपालिका क्षेत्र के ग्रामीण वार्डों में सुनाई देने लगी है। जिन ग्रामीण गांवों को नगरपालिका में शामिल किया गया है वहां के मतदाता इस बार पंचायत चुनाव में नहीं रह कर अपने नगरपालिका क्षेत्र की शहर की सरकार बनाएंगे। ऐसे में गांव गांव की चौपाल से लेकर शहर में अब राजनीति का पारा उछलने लगा है। हर वार्ड में पार्टियों के कैंडिडेट का कयास लगाया जा रहा है। यहां पर पैंतीस वार्ड के लिए चुनाव होने हैं लेकिन इस बार लोसल नगरपालिका चुनाव की दिलचस्प बात यह है कि शहरी एवं नए जुड़े ग्रामीण मतदाता दोनों मिलकर शहर की सरकार बनाएंगे। नगरपालिका अध्यक्ष पद सामान्य आने के बाद यहां पर विशेषकर राजनीति का पारा उबलने लगा है। सामान्य वर्ग की भी अध्यक्ष पद की दावेदारी हो सकती है ऐसे में यहां पर सबसे ज्यादा चर्चा नगरपालिका अध्यक्ष पद को लेकर बनी हुई है। अध्यक्ष का पद सामान्य में आने से संभावना है कि आघा दर्जन से अधिक दावेदार नगरपालिका अध्यक्ष पद की रेस में हो सकते हैं। ऐसे में यह कयास लगाया जा रहा है कि अध्यक्ष की रेस काफी दिलचस्प होगी। लेकिन अभी पार्षद का चुनाव जीतने के बाद जिस पार्टी को जनता समर्थन देगी उसके बाद पार्टी अध्यक्ष पद का उम्मीदवार तय करेगी। पहली सीढ़ी पार्षद का चुनाव जितना है। प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद सभी दलों साथ ही संभावित उम्मीदवारों के लिए सीमित समय रह गया है। ऐसे में अब नगरपालिका चुनाव की यहां जोरदार चुनावी दंगल देखने को मिलेगा। दो चरण में निकाय चुनाव है दूसरा चरण में नगरपालिका का चुनाव होगा। गौरतलब है कि लोसल नगरपालिका में प्रदेश भर में सबसे पहले जनसंघ गठजोड़ भाजपा की शहरी सरकार बनी थी। अब देखना यह है कि नगरपालिका लोसल का मुखिया का ताज किसके सिर बंधेगा यह तो जनादेश मिलने के बाद ही साफ होगा लेकिन पार्षद से लेकर अध्यक्ष पद की रेस काफी दिलचस्प चुनाव में देखने को मिलेगा। धोद विधानसभा क्षेत्र में दो नगरपालिका है एक लोसल तो दूसरी धोद में है। यहां के विधायक गोरधन वर्मा है। इन दोनों नगरपालिका में भाजपा की सरकार बनाने की कमान इनके कंधों पर है । सांसद अमराराम का एवं पूर्व विधायक पेमाराम का गृह धोद विधानसभा क्षेत्र है। अब नया सीमांकन होने के बाद नगरपालिका क्षेत्र में ग्रामीण गांवों की संख्या और बढ़ गई है।