सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत के दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं, नगरपालिका बनी मूकदर्शक
प्रदीप सैनी
दांतारामगढ़ (नवयत्न)। स्थानीय नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 04, दांता में सरकारी भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। अतिक्रमण को लेकर शिकायत किए करीब दो माह बीत जाने के बाद भी नगरपालिका की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप है। प्रशासन की कथित उदासीनता को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है।
दो माह से धूल फांक रही शिकायत
शिकायतकर्ता के अनुसार, दांता नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 04 में पटवारी हल्का दांता के खसरा नंबर 2005 की 0.1000 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया हुआ है। इस संबंध में करीब दो माह पूर्व संबंधित नगरपालिका अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि शिकायत के बाद अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन दो माह बीत जाने के बावजूद मौके पर किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में शिकायत अब भी लंबित पड़ी हुई है।
सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद कार्रवाई नहीं
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर सरकार की ओर से सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
उच्चाधिकारियों तक पहुंचा मामला
नगरपालिका स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद शिकायतकर्ता ने मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष भी उठाया। इस संबंध में उपखंड अधिकारी दांतारामगढ़, तहसील कार्यालय दांतारामगढ़ और जिला कलेक्टर सीकर को शिकायत दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार जिला कलेक्टर सीकर को शिकायत दिए जाने के बाद भी नगरपालिका दांता की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद सतर्कता विभाग ने 13 जुलाई को नगरपालिका दांता को दोबारा रिमाइंडर भेजकर मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा, लेकिन इसके बावजूद पालिका की ओर से मामले में अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया गया।
आश्वासन तक सीमित कार्रवाई
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे मामले को लेकर बार-बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक केवल कार्रवाई का आश्वासन ही मिल रहा है। उनका आरोप है कि एक तरफ सरकार सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर सख्त निर्देश जारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार विभाग कथित तौर पर मामले की अनदेखी कर रहे हैं। अब शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि खसरा नंबर 2005 की भूमि की मौके पर जांच करवाकर अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।