बिसाऊ में बोर्ड किसका बनेगा? कांग्रेस 12, भाजपा 10 और 3 निर्दलीयों की चर्चा
निसं
बिसाऊ (नवयत्न)। नगरपालिका चुनाव का मतदान खत्म होते ही बिसाऊ में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगला बोर्ड भाजपा का बनेगा या कांग्रेस का? मतदान के बाद दोनों दल अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत का आकलन करने में जुटे हैं। वहीं शहर के बाजार, बस स्टैंड और गली-मोहल्लों में भी वार्डवार नतीजों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। बिसाऊ पालिका के 25 वार्डों में 18,518 मतदाताओं में से 13,756 ने मतदान किया है। अब राजनीतिक दल और समर्थक अपने-अपने हिसाब से सीटों का गणित बैठा रहे हैं। फिलहाल शहर में चल रही चर्चाओं में कांग्रेस को 12, भाजपा को 10 और 3 सीटों पर निर्दलीयों के जीतने का दावा किया जा रहा है। हालांकि ये आंकड़े अभी सिर्फ चुनावी कयास हैं। असली तस्वीर 14 सितंबर को मतगणना के बाद ही सामने आएगी।
12-10-3 का गणित सही निकला तो?
अगर शहर में चल रहा यह अनुमान सही निकलता है तो कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में सामने आ सकती है। लेकिन तीन निर्दलीय किस तरफ जाते हैं, यह बोर्ड के समीकरण में अहम भूमिका निभा सकता है। यही वजह है कि अब राजनीतिक नजरें संभावित निर्दलीय विजेताओं पर भी टिक गई हैं।
दूसरी ओर भाजपा समर्थक भी अपने पक्ष में कई वार्डों में जीत का दावा कर रहे हैं। दोनों दलों के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मतदान के बाद वार्डवार स्थिति का आकलन कर संभावित बोर्ड के समीकरण समझने में जुटे हैं।
चेयरमैन की कुर्सी पर भी नजर
बोर्ड के साथ ही चेयरमैन पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कौन-कौन पार्षद जीतकर आएगा और किस दल के पास कितनी संख्या होगी, इसी आधार पर चेयरमैन की कुर्सी का रास्ता तय होगा। निर्दलीयों की संख्या तीन रहती है तो उनके समर्थन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। शहर की चुनावी चौपालों में अब यही चर्चा है कि कौन जीतेगा, किसका बोर्ड बनेगा और चेयरमैन की कुर्सी किसके खाते में जाएगी। फिलहाल दावे और कयास अपने-अपने हैं, लेकिन अंतिम फैसला स्ट्रॉन्ग रूम में बंद ईवीएम के नतीजे ही बताएंगे।
आज खुलेगा राज
मतगणना 14 सितंबर को होगी। इसी दिन वार्डवार परिणाम सामने आने के साथ यह भी साफ हो जाएगा कि 12-10-3 का सियासी गणित सही बैठता है या बिसाऊ की राजनीति कोई नया उलटफेर दिखाती है।