एसडीएम कार्यालय में मचा हड़कंप
निसं
चूरू (नवयत्न)। जिले के सरदारशहर के एसडीएम कार्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अधिवक्ता दिलीप सिंह ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद अधिवक्ताओं ने तत्काल बीच-बचाव कर उन्हें बचा लिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। मामला एसडीएम कार्यालय में कार्यरत रीडर संदीप भोजक से जुड़ा बताया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने रीडर पर फाइलों में गड़बड़ी करने और बैक डेट में फैसले किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलते ही थाना अधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं एसडीएम महिपाल सिंह राजावत भी तत्काल कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र राजपुरोहित ने आरोप लगाया कि एसडीएम कार्यालय में कार्यरत रीडर संदीप भोजक के खिलाफ अधिवक्ताओं द्वारा पहले भी धरना दिया गया था और उन्हें एपीओ करवाया गया था। उनका आरोप है कि बाद में अधिकारियों से सांठगांठ कर बिना किसी जांच के संदीप भोजक ने वापस इसी एसडीएम कार्यालय में जॉइनिंग ले ली। राजेंद्र राजपुरोहित के अनुसार हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें फाइलों में पुरानी तारीख में फैसले किए जाने का आरोप है। इसी को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि आज उनके साथी अधिवक्ता दिलीप सिंह ने रीडर से परेशान होकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर कई अधिवक्ता मौजूद होने के कारण समय रहते उन्हें रोक लिया गया और कोई बड़ी घटना नहीं हुई। एसडीएम महिपाल सिंह राजावत ने बताया कि वे नगर परिषद उपसभापति चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया में थे। इसी दौरान घटना की सूचना मिलने पर वे तुरंत एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अधिवक्ताओं से पूरे मामले की जानकारी ली। एसडीएम ने कहा कि मामले से जिला कलेक्टर को अवगत करवाया जाएगा और रीडर संदीप भोजक को एसडीएम कार्यालय से हटवाने की कार्रवाई की जाएगी। मौके पर फिलहाल स्थिति शांत बनी हुई है। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि एक दिन के भीतर रीडर संदीप भोजक को एसडीएम कार्यालय से नहीं हटाया गया, तो वे दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना के बाद एसडीएम कार्यालय में अधिवक्ताओं के बीच आक्रोश का माहौल बना हुआ है।