जीत के जश्न से पहले गांव की चिंता, 25 साल की सरपंच अदिति ने पेश की जनसेवा की मिसाल
अशोक राईका
झुंझुनूं (नवयत्न)। आमतौर पर चुनाव जीतने के बाद नए जनप्रतिनिधियों का स्वागत और अभिनंदन होता है, लेकिन ढाढ़ोत कलां की 25 वर्षीय अदिति शर्मा ने अपनी जीत को अलग अंदाज में यादगार बनाया। सरपंच बनते ही उन्होंने गांव को ट्रैक्टर और पानी का टैंकर भेंट कर दिया। उनका कहना है कि गांव के हर घर तक निशुल्क पानी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। अदिति के इस फैसले के पीछे गांव की जरूरतों को पूरा करने की सोच है। गांव में पेयजल की समस्या को देखते हुए उन्होंने पंचायत को ट्रैक्टर और टैंकर देने का निर्णय लिया। उनका प्रयास है कि पानी के लिए किसी भी परिवार को परेशानी नहीं उठानी पड़े। चुनाव जीतने के साथ ही लिया गया यह फैसला उनके लिए केवल शुरुआत है। अदिति ने सिंघाना पंचायत समिति की ढाढ़ोत कलां ग्राम पंचायत से सरपंच का चुनाव 506 वोटों से जीता है।
नीरु यादव से मिली प्रेरणा
अदिति के इस सफर में झुंझुनूं जिले की ही एक महिला सरपंच की भूमिका अहम रही। बुहाना तहसील की लाम्बी अहीर ग्राम पंचायत की हॉकी वाली सरपंच नीरू यादव के कामकाज और नेतृत्व से प्रभावित होकर अदिति के मन में भी गांव की जिम्मेदारी संभालने का विचार आया। उन्होंने इस विचार को अपने ससूर कृष्ण कुमार शर्मा से साझा किया और चुनाव लड़ने के फैसले में बदला और जीत हासिल कर ली।
पंचायत में बदलाव लाने का इरादा
अदिति शर्मा का कहना है कि गांव में भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी व्यवस्था बनाना उनकी प्राथमिकता है। वह चाहती हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे। गांव में पेयजल, सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो। इसके लिए ग्रामीणों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
उम्र छोटी, जिम्मेदारी बड़ी
महज 25 साल की उम्र में सरपंच बनने वाली अदिति शर्मा के सामने अब गांव के विकास की बड़ी जिम्मेदारी है। उनकी जीत यह भी बताती है कि युवा महिलाएं ग्रामीण नेतृत्व में आगे आकर बदलाव की पहल कर सकती हैं। ट्रैक्टर और टैंकर भेंट करने के उनके फैसले से ग्रामीणों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। अब देखना होगा कि अदिति अपने शुरुआती संकल्पों को पंचायत के कामकाज में किस तरह जमीन पर उतारती हैं।