कहीं छापोली जैसा हादसा न हो जाए, कहीं बच्चों के बल्ले तक पहुंच रहे तार तो कहीं सड़क पर झूल रही लाइनें

अशोक राईका
झुंझुनूं (नवयत्न)। छापोली में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 8 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे जिले को झकझोर दिया, लेकिन इसके बाद भी बिजली विभाग ने सबक नहीं लिया। जिले में कई जगह बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं। कहीं सड़क के ऊपर तार झूल रहे हैं तो कहीं खेतों और आबादी क्षेत्र में जमीन के काफी नजदीक हैं। इन हालात में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लांबी अहीर गांव में खेल मैदान के पास रास्ते से गुजर रही बिजली लाइन के तार इतने नीचे हैं कि बच्चे क्रिकेट के बल्ले से उन्हें छू सकते हैं। खेल मैदान के पास इस तरह लटकते तार बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। जिले के दूसरे इलाकों में भी ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं।
ट्रैक्टर और कृषि मशीनों से भी हादसे का खतरा
ग्रामीण क्षेत्रों में नीचे लटकते बिजली के तार किसानों और वाहन चालकों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। खेतों में ट्रैक्टर, ट्रॉली और दूसरी कृषि मशीनों से काम करते समय ये तार कभी भी संपर्क में आ सकते हैं। सड़क के ऊपर झूलते तारों से ऊंचे वाहनों के गुजरने पर भी हादसे का डर बना रहता है।


शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही मरम्मत
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह ढीले तारों और झुके बिजली पोल को लेकर पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं होती। लोगों का सवाल है कि क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा? छापोली की घटना के बाद विभाग को पूरे जिले में बिजली लाइनों की जांच करवानी चाहिए।
जिलेभर में सर्वे करवाकर तार ठीक करने की मांग
लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि हाईटेंशन और एलटी लाइनों का सर्वे करवाया जाए। जहां भी तार ढीले हैं या नीचे लटक रहे हैं, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए। खासकर स्कूलों, खेल मैदानों, आबादी क्षेत्रों और खेतों के रास्तों पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि छापोली जैसा हादसा दोबारा न हो।

You might also like