योजनाओं का ढिंढोरा ज्यादा जमीनी अमल बेहद सुस्त : सांसद ओला
झुंझुनू (दैनिक नवयत्न ) । सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा मामला लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार के जवाब से स्पष्ट है कि आवास योजना का जमीनी क्रियान्वयन असंतुलित, धीमा और क्षेत्रीय असमानता से ग्रस्त है। सभी को आवास देने का दावा कागजों में ही कमजोर साबित हो रहा है।
सांसद ओला ने कहा कि झुंझुनू लोकसभा क्षेत्र की स्थिति चिंताजनक है। यहां कुल 2,743 आवास स्वीकृत हुए, लेकिन पिछले 7 वर्षों में केवल 1,757 आवास ही पूरे हो पाए हैं। यानी 1,000 से अधिक परिवार आज भी अपने पक्के घर की प्रतीक्षा में हैं। वर्षवार आंकड़े दर्शाते हैं कि 2017–18 से 2022–23 तक स्वीकृत सैकड़ों आवास वर्षों तक लंबित रहे। हर वर्ष वही आंकड़े दिखाए गए, जबकि निर्माण की गति बेहद धीमी बनी रही।
राजस्थान स्तर पर भी स्थिति गंभीर है। राज्य में बीते 7 वर्षों में 1,38,379 आवास स्वीकृत बताए गए, जबकि अब तक केवल 89,382 आवास ही पूरे हो सके हैं। करीब 49,000 आवास आज भी अधूरे हैं। कई जिलों में वर्षों पहले स्वीकृत आवास अब तक पूरे नहीं हो पाए, जिससे योजना की धीमी गति उजागर होती है।
सांसद ओला ने सरकार के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि भुगतान, गुणवत्ता या देरी को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत इससे अलग है। लाभार्थी लगातार किस्तों में देरी, निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर शिकायतें करते रहे हैं, लेकिन उन्हें दर्ज न करना या ऊपर तक न पहुंचने देना गंभीर सवाल खड़े करता है।
सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने मांग की कि झुंझुनू सहित राजस्थान के सभी लंबित आवासों को मिशन मोड में शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही योजना की स्वतंत्र सामाजिक और तकनीकी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि नए चरण के प्रचार से पहले पुराने लंबित आवासों का निर्माण पूरा किया जाना चाहिए।