बाल निकेतन ने उपाध्याय की स्मृतियों को विविध रूपों में संजोया है – गणेश नारायणदास देवी
नवरतन वर्मा
चूरू (नवयत्न)। रतनगढ की श्री गांधी बाल निकेतन ने शिक्षाविद चम्पालाल उपाध्याय की स्मृतियों को विविध रूपों में संजो रखा है। वे निकेतन के हर हिस्से में भिन्न स्वरूपों में मिलते हैं। रतनगढ़ जैसे कस्बे में ऐसे विद्यालय की कल्पना मैंने नहीं की थी। यहां के स्मार्ट क्लासरूम, म्युजिक, कम्प्यूटर और एक्टिविटी लैब के साथ इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स देखकर यहां की क्वालिटी एज्यूकेशन का अनुमान लगा सकता हूं। कल ही मैं अहमदाबाद में 100 वर्षों पूर्व कस्तूरबा द्वारा महात्मा गांधी को लिखे गये पत्रों को देख रहा था जिसमें शिक्षा से विकास की बात ही लिखी गई है , जिसे निकेतन जैसे संस्थान साकार कर रहे हैं। यह विचार वरिष्ठ साहित्यिक आलोचक पद्मश्री गणेश नारायणदास देवी ने गत सायं पंडित दीनदयाल उपाध्याय टाउन हॉल में आयोजित उपाध्याय सम्मान समारोह 2026 में व्यक्त किये।
मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से प्रारम्भ हुए समारोह में जिया उपाध्याय ने अतिथियों का तिलकार्चन किया। चम्पालाल उपाध्याय के छोटे भाई महावीर उपाध्याय ने सूत की माला पहनाकर अभिनंदन किया। सम्मान के क्रम में साहित्यिक आलोचक गणेश नारायणदास देवी व वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवासन जैन को गांधी साहित्य, शॉल, श्रीफल, उपाध्याय सम्मान का स्मृति चिन्ह तथा 1 लाख रूपये की राशि सचिव राजीव उपाध्याय द्वारा प्रदान की गई। मीनाक्षी उपाध्याय ने नारायणदास देवी की धर्मपत्नी सुरेखा देवी का चुनरी ओढ़ाकर सम्मान किया। निकेतन सचिव राजीव उपाध्याय ने अपने स्वागत भाषण में उपाध्याय द्वारा किये गये कार्यों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त कर चुकी विभूतियों ने उपाध्याय सम्मान ग्रहण करने हेतु पधारकर इसकी गरिमा में अभिवृद्धि की है। श्रीनिवासन जैन ने मीडिया के हालातों का विवेचन करते हुए उस पर थोपे जा रहे राजनीतिक, आर्थिक और मानसिक दबावों के प्रति चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय जयपुर के पूर्व कुलपति सनी सेबेस्टियन ने पत्रकारों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए समाचार पत्रों को अपनाने पर बल दिया। समारोह में पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि, एडवोकेट अशोक उपाध्याय, एडवोकेट बजरंग गुर्जर, डॉ. प्रकाश छबलानी, गिरधारी बाजौरिया, रघुनंदन धर्ड , एडवोकेट विनोद नौहाल, सीबीईओ संदीप व्यास, राजेन्द्र सिंह बिदावत, कल्याण सिंह, रामकृष्ण व्यास, निलेश इंदौरिया, ऋषि शर्मा, अनूप जोशी, कन्हैयालाल चौमाल, ओमप्रकाश मंगलहारा, हरिप्रकाश हर्षवाल, इंद्राज खीचड़, देवेन्द्र यादव, सीताराम शर्मा, वैद्य लक्ष्मीनारायण शर्मा, रामनारायण व्यास, भानूप्रकाश इंदौरिया, रणजीत चौधरी, रामचन्द्र शर्मा, राधेश्याम पारीक सहित नगर के सैंकड़ों गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे। संचालन कुलदीप कुमार व्यास ने किया।