संघ के शताब्दी वर्ष पर पंच परिवर्तन का आह्वान, सामाजिक जागरण पर जोर
महेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न)। कस्बे के सरस्वती मैरिज गार्डन में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख महावीर प्रसाद और विभाग संघचालक ग्यारसीलाल ने मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता महावीर प्रसाद ने अपने उद्बोधन में भारत की प्राचीन सभ्यता, सामाजिक समरसता तथा वर्तमान परिस्थितियों में समाज की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ अपने 100 वर्ष के सफर में अनेक चुनौतियों और विरोध के बीच भी राष्ट्र सेवा और सामाजिक जागरण के कार्य में निरंतर आगे बढ़ता रहा है।
उन्होंने “पंच परिवर्तन” के माध्यम से समाज में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। इसमें राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवन शैली, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों का पालन शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग, भोजन की बर्बादी रोकना, जैविक कृषि को बढ़ावा देना और समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
महावीर प्रसाद ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहें। उन्होंने स्वभाषा, स्ववेशभूषा और स्वसंस्कृति को अपनाने तथा परिवारों में संस्कार और परंपराओं को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त परिवार और सामाजिक संवाद को बढ़ावा देना समाज की एकता के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम में संघचालक जटाशंकर व्यास ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगान “जन गण मन” के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर श्रीमाधोपुर, अजीतगढ़ और रींगस क्षेत्र से चिकित्सा, शिक्षा, जैविक कृषि, आयुर्वेद, सेवा, गौ सेवा और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े सैकड़ों प्रमुख जन उपस्थित रहे।