खाटू में सड़क किनारे मिले विमंदित निराश्रित को मिला अपना घर
नवरतन वर्मा
रतनगढ़ ( नवयत्न) । खाटू में सड़क किनारे फुटपाथ पर लावारिस अवस्था में पड़े राहगीरों की दया से भूख , प्यास और दर्द मिटाने का जैसे तैसे प्रयास करते विमंदित, बीमार व्यक्ति का अपना घर आश्रम रतनगढ़ में पहुंचना इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण है कि जब श्रीठाकुर जी महाराज की कृपा होती है तो समस्त संसाधन स्वत: ही सुलभ हो जाते हैं । हुआ यूं कि खाटू दर्शनार्थ आए अपना घर आश्रम बुधपुर (दिल्ली) के सेवा साथी अनिल अग्रवाल को जब दयनीय हालत में यह व्यक्ति नजर आया तो उन्होंने रतनगढ़ आश्रम में दूरभाष पर सूचना दी , जिस पर आश्रम अध्यक्ष डॉ वी पी गोयल ने तुरंत टीम को रवाना किया । टीम के अंकित जांगिड़ , हेमंत प्रजापत और सुरेश शर्मा ने खाटू पहुंचकर बताई गई लोकेशन पर खोजबीन की तो उन्हें एक बंद दुकान के आगे कचरे में पड़ा यह व्यक्ति लगभग नग्नावस्था में मिला , बात करने पर कुछ भी स्पष्ट रूप से कुछ भी बता नहीं पा रहा था, लगभग 40 वर्ष उम्र के इस व्यक्ति ने अपना नाम दिनेश बताया और केवल आश्रम टीम के सदस्यों के चेहरों को ही ताकता रहा । टीम ने उसे वहां से रेस्क्यू कर खाटू श्याम जी पुलिस थाने में सूचना दी और उसे अपना घर आश्रम में लेकर आए ।
आश्रम में केयर टेकर सेवा साथियों द्वारा उस व्यक्ति की दाढ़ी कटिंग के बाद स्वच्छ जल से नहला कर अपना घर आश्रम की परंपरानुसार अभिषेक किया और आश्रम का गणवेश ( नवीन वस्त्र ) पहनाकर प्रभुजी के रूप में सेवा प्रारंभ की। नए प्रभुजी को मिलाकर अब आश्रम में निवासरत प्रभुजनों की संख्या 33 हो गई है । निराश्रित , विमंदित , अस्वस्थ व्यक्तियों की सेवार्थ संचालित इस आश्रम के संचालन में सेवाभावी लोगों का जुड़ाव बढ़ता जा रहा है । आस पास के गांवों के लोग और स्थानीय नागरिक जन्मदिवस , वैवाहिक वर्षगांठ, पुण्य तिथि जैसे अवसरों को प्रभुजनों के साथ मनाकर आत्मिक आनंद और संतुष्टि का अनुभव करते हैं ।