ताल छापर अभयारण्य की मृग गणना विशेष दल से करवाने की मांग
अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न) । वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मरूदेश संस्थान के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम नाथ कच्छावा ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य के वन मंत्री संजय शर्मा, भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष पंकज गुप्ता और सदस्य सचिव, राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को अलग -अलग पत्र प्रेषित कर ताल छापर अभयारण्य के कृष्ण मृगों की गणना विशेष दल से करवाने की मांग की हैं। पत्र में डाॅ. घनश्याम नाथ कच्छावा ने लिखा कि कृष्ण मृगों की प्रतिवर्ष होने वाली गणना में स्थानीय वन विभाग के आंकड़े संतोषजनक नहीं हैं। मृग गणना में स्थानीय वन विभाग द्वारा जागरूकता नहीं बरती जाती और पारदर्शिता के नितान्त अभाव के कारण मनमर्जी के आंकड़े दिये जाते हैं। पत्र में लिखा गया कि पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ वाॅटर होल, ट्रांजिट लाइन, ट्रेप विधि के साथ अन्य विश्व स्तरीय आधुनिक तकनीक से इन मृगों की गणना होनी चाहिए। ताकि भारतीय उप महाद्वीप में पाई जाने वाली ऐंटीलोप की जैव वैज्ञानिक प्रजाति के दुर्लभ कृष्ण मृगों के संरक्षण के प्रति अधिक गम्भीरता से कार्य किया जा सके। पत्र में एक विशेष गणना दल का गठन कर उसमें विश्वविद्यालय के प्राणी शास्त्र के विभागाध्यक्ष, सहायक आचार्य व शोधकर्ताओं को सदस्य बनाये जाये। पत्र में इस दल में पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सा अधिकारियों, वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, ताल छापर कस्बे के वन्य जीव प्रेमियों और ताल छापर अभयारण्य की रेंज के बाहर अधिकारियों विशेष रूप से प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों को जोड़ने का सुझाव दिया गया। इससे कृष्ण मृगों की वास्तविक संख्या के साथ – साथ उनकी वास्तविक स्थिति का भी आंकलन होगा। पत्र में लिखा गया कि अगर एक विशेष दल का गठन कर मृग गणना करवाई जाती है तो इससे केन्द्र और राज्य सरकार के वन्य जीव संरक्षण के प्रति सहानुभूति का सकारात्मक संदेश जनता में जायेगा। पत्र की प्रतिलिपि जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, चूरू तथा उप वन संरक्षक चूरू को भी प्रेषित की गई है।