मोदी पब्लिक स्कूल ने पहले आरटीई अभ्यर्थियों से पाठ्यपुस्तकों के नाम पर वसूले पैसे

अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न) । स्थानीय सीबीईओ कार्यालय के सामने मोदी पब्लिक स्कूल की कथित मनमानी नीतियों के खिलाफ अभिभावक बाबूलाल मेघवाल का क्रमिक धरना लगातार दूसरे दिन मंगलवार भी जारी रहा। हलांकि हालांकि दोपहर बाद सीबीईओ व मोदी स्कूल की प्रिंसिपल की मौजूदगी में हई वार्ता के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। धरनार्थी बाबूलाल मेघवाल ने बताया कि आरटीई (राईट टू एज्यूकेशन) में एडमिशन होने के बावजूद भी मनमाने तरीके से पाठ्य पुस्तकों के नाम पर हजारों रूपए लिए जाते हैं। ऐसे में गरीब अभिभावक इनकी किताबों के नाम पर ली जा रही मोटी रकम कैसे भरेगा? धरनार्थी ने बताया कि 2024 में इस विद्यालय के खिलाफ परिजनों की शिकायत होकर जांच कंपलीट होने के बावजूद आज दिन तक इस विद्यालय पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई, ऐसे में दोषी सरकारी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की मांग भी मैं करता हूं। दूसरी ओर स्कूल की प्रिंसिपल संतोष चौधरी, मैनेजमेंट की ओर से इलियास खान के साथ धरनार्थी बाबूलाल मेघवाल की सीबीईओ सुनीता चौधरी की मौजूदगी में वार्ता हुई, जिसमें आरटीई के अभ्यर्थियों से पाठ्यपुस्तकों के नाम पर लिए गए सारे पैसे वापस अभिभावकों को दिए जाने के लिए प्रिंसिपल ने सहमति दी। सीबीईओ ने बताया कि जो भी पैसे आरटीई के अभ्यर्थियों से पुस्तकों के लिए गए, वो वापस दिए जायेंगे। वहीं सोचने वाली बात ये है कि नियमों को धत्ता बताकर शिक्षा का अधिकार कानून का उल्लंघन करते हुए मोदी पब्लिक स्कूल के मैनेजमेंट ने आरटीई के अभ्यर्थियों से पाठ्यपुस्तकों के नाम पर पैसे ले लिए, फिर भी प्रशासन कौनसे दबाव में कार्यवाही करने से कतरा रहा है। फिलहाल वार्ता के बाद धरना समाप्त करने पर धरनार्थी बाबूलाल मेघवाल ने सहमति जाहिर की है।

You might also like