मानवता की मिसाल : अपना घर आश्रम में बिछड़े भाई को परिवार से मिलाया
श्रीराम तिवाड़ी
नौखा (नवयत्न) । मानवता और सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपना घर आश्रम नोखा ने एक बार फिर एक बिछड़े हुए व्यक्ति को उसके परिवार से मिलाकर समाज के सामने प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राधेश्याम प्रभु जी पिछले लगभग छह महीनों से अपने घर से लापता थे। वे रोज़गार की तलाश में गुजरात की ओर गए थे, लेकिन परिस्थितियोंवश ट्रेन छूट जाने के कारण वे खाटू श्याम जी पहुँच गए। वहाँ पहुँचने के बाद उनका मानसिक संतुलन काफी बिगड़ गया और वे असहाय अवस्था में जीवन यापन करने लगे। इसी दौरान अपना घर आश्रम नोखा की टीम ने 7 मार्च 2026 को उन्हें रेस्क्यू कर आश्रम में आश्रय दिया। आश्रम द्वारा उन्हें आवश्यक देखभाल, चिकित्सा सुविधा, दवाइयाँ तथा रहने-खाने की समुचित व्यवस्था प्रदान की गई। साथ ही, निरंतर काउंसलिंग और प्रयासों के माध्यम से उनके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई गई। लगातार प्रयासों के बाद आश्रम टीम ने उनके भाई का संपर्क नंबर प्राप्त कर उनसे बातचीत की। जैसे ही परिवार को राधेश्याम प्रभु जी के बारे में जानकारी मिली, उनके घर में खुशी की लहर दौड़ उठी। तत्पश्चात उनका भाई स्वयं अपना घर आश्रम नोखा पहुँचा और भावुक माहौल में अपने भाई को साथ लेकर गया। राधेश्याम प्रभु जी के भाई ने आश्रम की इस सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि “अपना घर आश्रम नोखा द्वारा किया गया यह कार्य वास्तव में मानवता की सच्ची सेवा है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।” अपना घर आश्रम नोखा द्वारा इस प्रकार निरंतर लावारिस, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा कर उन्हें नया जीवन देने का कार्य किया जा रहा है, जो समाज में मानवता की ज्योति को प्रज्वलित रखे हुए है।