भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए जीवनदायिनी पहल

महेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न) । ग्रीष्म ऋतु के प्रारम्भ के साथ ही तापमान में तीव्र वृद्धि होने लगती है, जिससे मानव जीवन के साथ- साथ पशु- पक्षियों के लिए भी जीवन यापन अत्यंत कठिन हो जाता है। विशेष रूप से पक्षियों के लिए पानी और भोजन की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए श्रीमाधोपुर में एक सराहनीय पहल का शुभारंभ किया गया।श्रीमाधोपुर के प्रकृति प्रेमी राजू बागवान के निर्देशन में भारतीय किसान संघ के तत्वाधान में एसबीएन ग्रुप ऑफ एजुकेशन श्रीमाधोपुर परिसर में पक्षियों के संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत परिसर में स्थित 10 पेड़ों पर दो स्थानों पर प्रत्येक पेड़ के लिए पानी के पात्र तथा दाना-चुग्गा हेतु शिकोरे बांधे गए। यह पहल न केवल भीषण गर्मी में पक्षियों को राहत प्रदान करने का प्रयास है, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। इस पुनीत कार्य में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष सतवीर सिंह सामोता, जिला कोषाध्यक्ष डॉ. मुकेश बड़वाल, एसबीएन ग्रुप श्रीमाधोपुर के सचिव इंजीनियर प्रदीप धायल, डॉ. सुरेश कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य सागरमल चौधरी तथा को ऑर्डिनेटर मुकेश पुरी गोस्वामी ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय के सहायक आचार्यगण ओमप्रकाश शर्मा, झावरमल चौधरी, कमलेश सैनी, राजेंद्र कुमार वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, धर्मेन्द्र जीतरवाल एवं सोहनलाल निठारवाड़ ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के जिला जैविक प्रमुख विश्वनाथ शर्मा तथा नगर युवा प्रमुख मोहनलाल जीतरवार की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया। सभी उपस्थित सदस्यों ने मिलकर पक्षियों के लिए जल और दाना की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की तथा इस अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी केवल एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है। गर्मियों में जल स्रोतों के सूखने के कारण पक्षियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, विद्यालय या कार्यस्थल पर पानी एवं दाना की व्यवस्था करे, तो अनेक पक्षियों का जीवन बचाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। एक साधारण जल पात्र भी कई पक्षियों के लिए जीवन दायिनी सिद्ध हो सकता है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक कदम होने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और जीवों के प्रति करुणा का प्रतीक भी है। एसबीएन ग्रुप ऑफ एजुकेशन द्वारा किया गया यह प्रयास विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जिससे उनमें सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जीव- जंतुओं के प्रति सहानुभूति की भावना विकसित होती है। ऐसे प्रयास विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने यह संकल्प लिया कि इस अभियान को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे निरंतर जारी रखते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाएगा। साथ ही, अन्य संस्थानों एवं आमजन से भी इस प्रकार की पहल में भाग लेकर पक्षियों के संरक्षण में योगदान देने कीअपील की गई। निश्चित रूप से यह पहल समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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