आखातीज पर दान-पुण्य का शुभ संयोग: दो हजार से अधिक विवाह को देखते हुए प्रशासन सतर्क
डी के सैनी
जयपुर (नवयत्न ) । आखातीज (19 अप्रैल) के अबूझ सावे को लेकर राजधानी सहित जिलेभर में उत्साह का माहौल है। इस दिन दान-पुण्य, पूजा-अर्चना और मांगलिक कार्यों की धूम रहेगी।
पंडित श्रीकृष्ण चन्द्र शर्मा के अनुसार आखातीज का पर्व सुख, समृद्धि और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इसी तिथि से सतयुग और त्रेतायुग का आरंभ हुआ था, इसलिए इसे ‘कृतयुगादि तृतीया’ भी कहा जाता है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों का फल अक्षय रहता है।
श्रद्धालु इस दिन विशेष रूप से सूर्य देव की पूजा कर उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिरों और घरों में पूजा-पाठ, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।
2000 से अधिक विवाह की संभावना
आखातीज के अबूझ सावे पर जिलेभर में 2000 से अधिक विवाह समारोह आयोजित होने की संभावना है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शादी समारोहों की तैयारियां जोरों पर हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान इस दिन मौसम के शकुन देखकर आगामी फसल के संकेत भी लेते हैं।
दान-पुण्य का विशेष महत्व
इस दिन जल, अन्न, वस्त्र और धन का दान विशेष फलदायी माना जाता है। जरूरतमंदों की सहायता, गौसेवा और अन्नदान को समाज में सुख-समृद्धि का कारक माना गया है। आखातीज को शुभता, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक पर्व माना जाता है।
बाल विवाह रोकने को प्रशासन अलर्ट
अबूझ सावे को देखते हुए प्रशासन ने बाल विवाह रोकने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। तहसील स्तर पर शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य स्थानीय कर्मियों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
गैस सिलेंडर की कमी से बढ़ी चिंता
विवाह समारोहों की अधिकता के बीच एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी और कोयले का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खर्च भी बढ़ गया है।