पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर घमासान, भाजपा से गोपाल मारू, कांग्रेस से लाभचंद सोनी मैदान में, 5 प्रत्याशियों ने दाखिल किए 6 नामांकन

ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न)। राजलदेसर नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दौर में अध्यक्ष पद की तस्वीर काफी दिलचस्प हो गई है। भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी गोपाल मारू और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी लाभचंद सोनी ने रिटर्निंग अधिकारी प्यारेलाल चावला के समक्ष नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी पेश कर दी है। अध्यक्ष पद के लिए कुल 5 प्रत्याशियों ने 6 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इनमें जयचंद महावर ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है। वहीं जब्बार खोखर ने कांग्रेस प्रत्याशी के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी नामांकन दाखिल किया है। पवन बोथरा ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा है। नामांकन में प्रत्याशियों के प्रस्तावकों की बात करें तो जयचंद महावर के प्रस्तावक शारदा देवी मारू, गोपाल मारू के प्रस्तावक प्रदीप पांडे, पवन बोथरा के प्रस्तावक चुकी देवी मेघवाल, जब्बार खोखर के प्रस्तावक मोहम्मद सद्दाम हुसैन तथा लाभचंद सोनी के प्रस्तावक विनोद सैनी रहे। हाल ही में संपन्न नगर पालिका चुनाव में किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 35 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस ने 14-14 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि 5 निर्दलीय और 2 आरएलपी प्रत्याशी विजयी रहे। ऐसे में अध्यक्ष पद का चुनाव संख्या बल के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास बराबर 14-14 पार्षद होने के कारण अब अन्य निर्वाचित पार्षदों का समर्थन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नामांकन के बाद अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। दोनों प्रमुख दलों के सामने अपने पक्ष में पर्याप्त समर्थन जुटाने की चुनौती है। ऐसे में निर्दलीय और आरएलपी पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अध्यक्ष पद के चुनाव में कौन से पार्षद किस प्रत्याशी के समर्थन में खड़े होते हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजलदेसर की सियासत में आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है। फिलहाल अध्यक्ष पद के लिए कई प्रत्याशी मैदान में हैं और भाजपा-कांग्रेस के बीच बराबर संख्या बल होने से मुकाबले को लेकर लोगों की नजरें आगामी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

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