साख पर संकट: अस्तित्व बचाने को जुटे लोग, दिल्ली तक पहुंची गूंज
निसं
सिंघाना (नवयत्न) । राजस्थान के ‘तांबा नगर’ के नाम से विख्यात खेतड़ी की पहचान अब खतरे में है। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) की ऐतिहासिक 114 मीटर ऊंची स्मेल्टर चिमनी को ढहाने के प्रस्ताव के खिलाफ समूचा क्षेत्र लामबंद हो गया है। ‘चिमनी बचाओ अभियान’ के तहत अब यह लड़ाई गलियों से निकलकर सत्ता के गलियारों तक पहुंच गई है।
क्षेत्र की जनभावनाओं को देखते हुए झुंझुनूं सांसद बृजेन्द्र ओला ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने केंद्रीय खान मंत्री को पत्र लिखकर इस चिमनी को ढहाने पर रोक लगाने और इसे ‘औद्योगिक धरोहर’ (Industrial Heritage) घोषित करने की पुरजोर पैरवी की है।
गौरवशाली अतीत की अंतिम निशानी
वर्ष 1967 में जब देश तांबा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रहा था, तब खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स की नींव रखी गई थी। 1970 के दशक में बनी यह विशालकाय चिमनी दशकों तक क्षेत्र की आर्थिक उन्नति का केंद्र रही। आज जब कॉम्प्लेक्स की कई इकाइयां बंद हो चुकी हैं और ‘मिनी चंडीगढ़’ कही जाने वाली टाउनशिप वीरानी की ओर है, तब यह चिमनी यहाँ के गौरवशाली इतिहास की आखिरी गवाह बनकर खड़ी है।
प्रतिनिधिमंडल ने जताया विरोध
खेतड़ी प्रधान मनीषा गुर्जर के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सांसद ओला को ज्ञापन सौंपकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। प्रधान ने कहा कि यह केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामूहिक स्मृतियों का हिस्सा है। इसे तोड़ना इतिहास को मिटाने जैसा होगा।
एक्सपर्ट व्यू: पर्यटन से संवर सकती है सूरत
अभियान से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इसे संरक्षित कर ‘इंडस्ट्रियल टूरिज्म’ के रूप में विकसित करे, तो यह क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार का नया जरिया बन सकता है।
आंदोलन की मुख्य बातें:
ऐतिहासिक महत्व: 114 मीटर ऊंची यह चिमनी दशकों तक एशिया के बड़े स्मेल्टरों में शुमार थी।
सांसद की पहल: बृजेन्द्र ओला ने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है।
जनभावना: ग्रामीणों का कहना है कि विरासत को नष्ट करने के बजाय उसका जीर्णोद्धार किया जाए।
ये रहे उपस्थित: को
इस दौरान चिमनी बचाओ अभियान के संयोजक रमेश पांडे, नगर कांग्रेस कमेटी सिंघाना अध्यक्ष डी पी सैनी, एससी प्रकोष्ठ बुहाना अध्यक्ष बाबूलाल कालोडिया, प्रभारी चुनीलाल चनेजा, बिलवा सरपंच शंकर बिलवा, रणजीत, राजू, विक्रम, विजय सहित भारी संख्या में प्रबुद्धजन और युवा मौजूद रहे।