अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर गिरोह का पर्दाफाश
निसं
जयपुर (नवयत्न)। अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर गिरोह का जयपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। भांकरोटा थाना क्षेत्र में मंगलवार को फर्जी तकनीकी सहायता कॉल सेंटर पर दबिश देकर पुलिस ने 8 युवकों और 2 युवतियों सहित 10 लोगों को डिटेन किया। मौके से 19 मोबाइल फोन, 12 लैपटॉप और बड़ी मात्रा में लैपटॉप से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह के जरिए अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपए की ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अब गिरोह के संचालकों, नेटवर्क और ठगी की रकम के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
आईफोन की तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर जाल
स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आईफोन में तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करते थे। एक्स-लाइट सॉफ्टवेयर और टीएफएन नंबरों के माध्यम से ग्राहकों से बातचीत की जाती थी। तकनीकी सहायता देने का भरोसा दिलाकर उन्हें बातचीत में उलझाया जाता और सहायता के नाम पर शुल्क वसूला जाता था। पुलिस के अनुसार इस प्रक्रिया के दौरान ग्राहकों को विश्वास में लेकर उनके बैंक खातों से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता था। इसके बाद इस जानकारी का दुरुपयोग कर खातों से रकम निकालने की आशंका है।
बैंक अधिकारी बनकर हासिल करते थे गोपनीय जानकारी
पुलिस अधिकारी के मुताबिक गिरोह में शामिल एक युवती कथित तौर पर बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों से बातचीत करती थी। वह उन्हें विश्वास में लेकर बैंक खातों से संबंधित गोपनीय जानकारी हासिल करती थी। इसके बाद यह जानकारी टेलीग्राम समूह में साझा की जाती थी। गिरोह के संचालक इन जानकारियों का दुरुपयोग कर खातों से रकम निकाल लेते थे। पुलिस इस पूरे तरीके और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
19 मोबाइल और 12 लैपटॉप बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 19 मोबाइल फोन, 12 लैपटॉप और बड़ी मात्रा में लैपटॉप से जुड़ी सामग्री जब्त की है। पुलिस के अनुसार, एक्स-लाइट सॉफ्टवेयर, टीएफएन नंबर और टेलीग्राम समूह के माध्यम से गिरोह का नेटवर्क संचालित हो रहा था। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि सीएसटी की एनडीपीएस टीम से मिली सूचना के आधार पर कॉल सेंटर पर दबिश दी गई। इसके बाद डिटेन किए गए सभी 10 लोगों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भांकरोटा थाना पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस गिरोह के संचालकों, अन्य संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
ये 10 लोग किए गए डिटेन
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान डिटेन किए गए लोगों में हर्ष चौहान 27, निवासी झज्जर, हरियाणाय कृष्ण 28, निवासी बक्सा, असमय आकाशी लाबा 30, निवासी दार्जिलिंग, पश्चिम बंगालय खोजा 27 और केवी 24, निवासी मेलयूरी, नागालैंडय निशांत 24, निवासी गुरुग्राम, हरियाणाय रविंद्र कुमार 31, निवासी महेंद्रगढ़, हरियाणाय अंकित 24, निवासी झज्जर, हरियाणाय दिया गुरुजी 25, निवासी दार्जिलिंग, पश्चिम बंगालय और लिशीनी 25, निवासी सेनापति, मणिपुर शामिल हैं। पुलिस मामले में सभी की भूमिका की जांच कर रही है। ठगी की कुल रकमए नेटवर्क के अन्य सदस्यों और कथित संचालकों के संबंध में विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की संभावना है।