डांगावास हत्याकांड के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में पैरवी की मांग
अशोक राईका
झुंझुनूं (नवयत्न) । डांगावास दलित हत्याकांड के मामले में सभी 40 आरोपियों के बरी होने के फैसले के खिलाफ भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने राज्य सरकार से हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी की मांग की है। पार्टी के जिला सचिव कामरेड रामचंद्र कुलहरि के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने चिड़ावा उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2015 में नागौर जिले के डांगावास में हुई घटना में पांच दलितों की हत्या हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। मामले की सुनवाई एससी-एसटी विशिष्ट न्यायालय, मेड़ता सिटी में हुई। सत्र न्यायाधीश ने सबूतों के अभाव और अभियोजन पक्ष की कमजोरियों के चलते सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया। पार्टी ने फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना में जिन लोगों की मौत हुई और जो घायल हुए, उनके मामले में न्याय के लिए राज्य सरकार को हाईकोर्ट में प्रभावी पैरवी करनी चाहिए। ज्ञापन में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के राज्य समिति सदस्य कामरेड ओमप्रकाश झारोड़ा, कामरेड रत्तीराम राव, कामरेड हरिओम, बलवान बलौदा और बंटी शामिल रहे।