400 साल पुराने मंदिर कह जमीन पर बवाल, महंत ने भाई को दत्तक पुत्र बताकर बेच दी मंदिर की जमीन
अशोक राईका
झुंझुनूं (नवयत्न)। प्रतापपुरा पंचायत के चारणवास गांव में करीब 400 साल पुराने बिहारीजी मंदिर की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर के महंत जगदीश दास ने अपने सगे भाई को दत्तक पुत्र बताते हुए मंदिर की करीब सात बीघा जमीन उसके नाम रजिस्ट्री कर दी। जमीन का नामांतरण भी कराए जाने का आरोप है। जमीन पर निर्माण शुरू होने के बाद ग्रामीणों को मामले की जानकारी मिली। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण झुंझुनूं पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर रजिस्ट्री व नामांतरण निरस्त करने तथा जमीन मंदिर के नाम दर्ज करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के मंहत जगदीश दास ने अपने सगे भाई को दत्तक पुत्र बताते हुए मंदिर की करीब सात बीघा जमीन उसके नाम रजिस्ट्री कर दी। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पंकज गुर्जर ने बताया कि बिहारीजी मंदिर गांव बसने के समय से ही मौजूद है और मंदिर में गुरु-चेला परंपरा रही है। मंदिर की सेवा करने वाले व्यक्ति को मंदिर के अधीन आने वाली जमीन को जोतने -जुतवाने और उससे होने वाली उपज से जीवनयापन करने की परंपरा रही है। ग्रामीणों ने पुराने दस्तावेजों में जमीन मंदिर के नाम दर्ज होने का दावा किया है। ज्ञापन देने वालों में कांतिवाल, नाहर सिंह, पंकज गुर्जर, रोताश मेहन, कुलदाराम गुर्जर, विजेंद्र निर्मल, अनिल गुर्जर, वीरेंद्र गुर्जर राहुल गुर्जर, अंकित रबारी, महेश शर्मा, सुल्तान गुर्जर, प्रदीप गुर्जर समेत अन्य मौजूद थे।
रजिस्ट्री में दिल्ली का पता, गवाह भी दिल्ली के बताए
पंकज गुर्जर ने आरोप लगाया कि जमीन के संबंध में हुई रजिस्ट्री में खरीदार का पता दिल्ली का दर्ज है। रजिस्ट्री में गवाह भी दिल्ली के बताए गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से रजिस्ट्री और नामांतरण से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कराने तथा जमीन की स्थिति पूर्ववत करने की मांग की है।
2002 के विवाद का भी दिया हवाला
ग्रामीणों ने मंदिर की जमीन को लेकर वर्ष 2002 में हुए पुराने विवाद का भी हवाला दिया। पंकज गुर्जर ने बताया कि उस समय भी कुछ लोगों द्वारा मंदिर की जमीन पर कब्जे की कोशिश किए जाने का आरोप लगा था। विवाद बढऩे पर संघर्ष की स्थिति बनी थी। ग्रामीणों के अनुसार उस दौरान कुछ लोगों को चोटें आई थीं और कुछ लोगों को जेल भी जाना पड़ा था। ग्रामीणों ने कहा कि वे ऐसी स्थिति दोबारा नहीं चाहते, लेकिन मंदिर की जमीन को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रशासन दस्तावेजों की जांच कर जमीन को लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे।
ग्रामीण बोले- कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे
ग्रामीण नाहरसिंह गुर्जर ने बताया कि गांव के सभी लोग कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे हैं। प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक किया जाएगा। नाहरसिंह गुर्जर के अनुसार पहले गांव स्तर पर आंदोलन होगा। इसके बाद पूरी पंचायत और जिले के लोगों को शामिल कर कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर की जमीन मंदिर की ही रहनी चाहिए और प्रशासन को दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करनी चाहिए।