डॉ. पूजा चौधरी ने भारतीय रियल एस्टेट विषय पर शोध करके हासिल की पीएचडी की उपाधि

 

रघुवीर जोशी 

मंडावा (नवयत्न ) । जिला झुंझुनूं में मंडावा तहसील के गांव भोजासर की बेटी एवं बिरोल (हाल भगत सिंह कॉलोनी नवलगढ़ ) निवासी विजेंद्र सिंह चौधरी की पुत्रवधु पूजा चौधरी ने सिम्बायोसिस अन्तराष्ट्रीय विश्वविद्यालय पुणे (Symbiosis International University Pune) से पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अब वे डॉक्टर पूजा चौधरी के रूप में जानी जाएंगी।

 

डॉ. पूजा चौधरी ने बताया कि पोद्दार कॉलेज नवलगढ़ से बीबीए, राजस्थान विश्वविद्याल जयपुर से एमबीए के पश्चात यूजीसी-नेट जेआरएफ से लेकर पीएचडी तक का पूरा शैक्षणिक सफर कड़ी मेहनत, समर्पण और धैर्य के साथ सफलतापूर्वक तय किया है।

रियल एस्टेट पर किया शोध कार्य:-

= डॉ. पूजा चौधरी का शोध का विषय“उच्च प्रदर्शन कार्य प्रणालियाँ, कार्य की तीव्रता एवं कर्मचारी प्रसन्नता का लेकर भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में एक अनुभवजन्य अध्ययन”रहा। यह शोध भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में अपनाई जाने वाली कार्य प्रणालियों, कर्मचारियों पर बढ़ते कार्य दबाव तथा उनकी प्रसन्नता एवं संतुष्टि के बीच संबंधों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह शोध न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि उद्योग जगत के लिए भी उपयोगी निष्कर्ष प्रदान करता है।

20 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित :-

= डॉ. चौधरी वर्तमान में सिम्बायोसिस अन्तराष्ट्रीय विश्वविद्यालय पुणे में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। साथ ही, 20 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुकी हैं, जो उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य एवं शोध के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।

=परिवारजनों को दिया सफलता का श्रेय: –

डॉ. पूजा चौधरी ने परिवार जनों सहित सास कमला, माता प्रमिला -पिता महिपाल मील पत्रकार एवं पति विष्णु चौधरी को अपनी इस सफलता का श्रेय दिया है। सभी परिवारजनों के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और विश्वास ने सफर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मानना है कि परिवार के समर्थन और प्रेरणा के बिना इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था। महाराष्ट्र, बेंगलुरु, हैदराबाद एवं पुणे में रियल एस्टेट व्यवसाय में सक्रिय रूप से कार्यरत उनके पति विष्णु शंकर चौधरी का विशेष योगदान रहा। भारतीय रियल एस्टेट विषय अब बहुत कम शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं।

You might also like