किसानों को फसल में कीट सर्वेक्षण एवं एकीकृत कीट प्रबंधन तकनीक की दी जानकारी
सुभाष वर्मा
तारानगर (नवयत्न)। एलसीआईपीएमसी श्रीगंगानगर के वैज्ञानिकों की ओर से चूरू जिले के सिद्धमुख, तारानगर एवं राजगढ़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों एवं खेतों में कपास फसल का कीट सर्वेक्षण एवं कीट निगरानी किया गया। यह संयुक्त सर्वेक्षण राज्य कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ किया गया, जिसमें कपास फसल में विभिन्न कीटों की स्थिति, प्रकोप एवं फसल स्वास्थ्य का जायजा लिया गया। सर्वेक्षण के दौरान किसानों के खेतों का निरीक्षण कर कपास में पाए जाने वाले प्रमुख कीटों की पहचान एवं उनकी स्थिति का आकलन किया गया। वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन तकनीक अपनाने, नियमित कीट निगरानी करने तथा आर्थिक क्षति स्तर के आधार पर ही आवश्यक नियंत्रण उपाय अपनाने की जानकारी दी गई। इस अवसर पर किसानों को कीटों के प्रभावी एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के साथ-साथ जैविक एवं यांत्रिक नियंत्रण उपायों के उपयोग तथा रासायनिक कीटनाशकों के संतुलित एवं आवश्यकता आधारित प्रयोग के बारे में जागरूक किया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों से कपास फसल में नियमित रूप से कीटों की निगरानी करने, अनावश्यक कीटनाशक प्रयोग से बचने तथा आईपीएम आधारित फसल प्रबंधन अपनाकर उत्पादन लागत कम करने एवं फसल को स्वस्थ रखने का आह्वान किया। संयुक्त सर्वेक्षण में सहायक पादप संरक्षण अधिकारी जितेन्द्र मीणा, सहायक पादप संरक्षण अधिकारी अंकित कुमार जांगिड़, एलसीआईपीएमसी श्रीगंगानगर वैज्ञानिक सहायक आरके चौधरी सहित राज्य कृषि विभाग से सहायक कृषि अधिकारी तारानगर कुलदीप सिंह, कृषि पर्यवेक्षक हड़ियाल जयवीर सिंह और कृषि पर्यवेक्षक बुचावास दलीप कुमार उपस्थित रहे।