किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सहायक अभियंता को सौंपा ज्ञापन
ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं विद्युत संबंधी मांगों को लेकर सोमवार को विद्युत विभाग के सहायक अभियंता अनिल मीणा को ज्ञापन सौंपा गया। किसान सभा के तहसील अध्यक्ष कामरेड भादर भामू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे और समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर रोष जताया। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें धमकाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि सहायक अभियंता द्वारा फोन पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर बात की गई, जिससे किसानों में काफी रोष है। किसानों ने अधिकारियों से किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने की मांग की। ज्ञापन में किसानों ने प्रमुख रूप से मांग की कि जेगनिया जीएसएस पर अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर रखने का सेक्शन कई माह पूर्व हो चुका है, इसके बावजूद अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं रखा गया है। किसानों ने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर स्थापित करने की मांग की।
इसके अलावा किसानों ने कहा कि नियमानुसार दी जाने वाली विद्युत आपूर्ति के दौरान बीच-बीच में पूरे दिन बिजली कटौती होने से किसानों को निर्धारित समय से कम बिजली मिल रही है। किसानों ने कटौती किए गए समय की भरपाई करते हुए निर्धारित विद्युत आपूर्ति पूरी करने की मांग की। किसानों ने लुणसागर जीएसएस में पावर ट्रांसफार्मर लगाने, वहां के फीडरों का समय पूर्व की भांति निर्धारित करने तथा विभिन्न जीएसएस पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य करवाने की मांग भी रखी। वहीं RDSS योजना से छूट गए ढाणियों एवं क्षेत्रों को दोबारा योजना में शामिल करने की मांग की गई।
ज्ञापन के दौरान विद्युत विभाग की ओर से ट्रांसफार्मर के कारण प्रभावित हुई 6 घंटे की विद्युत आपूर्ति की भरपाई एक-एक घंटे करके किए जाने पर सहमति बनी।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन में बताई गई समस्याओं का तीन दिन के भीतर समाधान नहीं किया गया, तो अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में विद्युत विभाग कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर विजयपाल, भीम आर्मी अध्यक्ष श्रवण बारूपाल, लीलाधर कालेर राजूराम, नोरंग राम, हरिराम, मांगीनाथ, धनाराम, गिरधारी, राकेश, संजय कड़वासरा, गिधा राम घिंटाला, मुकेश, प्रभुराम, गणेशराम, प्रताप, रूपनाथ, राजूराम, रामलाल, शंकरलाल सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।