आत्म जागरण से ही होगा राष्ट्र जागरण : संत विज्ञानदेव महाराज
नवरतन वर्मा
रतनगढ़ ( नवयत्न) । रतनगढ़ में विहंगम योग संत समाज के 103 वार्षिकोत्सव समर्पण दीप आध्यात्म महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रीय व्यापी संदेश यात्रा गत सायं रतनगढ़ पहुंची। श्री तालवाले बालाजी मंदिर से संत विज्ञानदेव महाराज के सानिध्य में शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गो से निकाली गयी।शोभा यात्रा का जगह जगह पुष्प वर्षा कर भव्य अभिनंदन किया गया।शोभा यात्रा नगरपालिका टाउन हॉल पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तन हो गयी ।आयोजित धर्म सभा को संत विज्ञानदेव महाराज ने धर्म प्रवचन देते हुए कहा कि स्वर्वेद सद्गुरुदेव महाराज का दिया हुआ दिव्य ज्ञान है। जो मानव को आत्मा से परमात्मा जोड़ने का मार्ग बताता है। आज का मानव केवल भौतिकता में उलझा है इससे मन का तनाव बढ़ रहा है।हमारे शरीर रूपी रथ का स्वामी हमारा मन है।मन को सकारात्मक आध्यात्म चिंतन में लगाए। जीवन का असली उद्देश्य आत्म कल्याण है।उन्होंने कहा सनातन संस्कृति जीवन के यथार्थ से परिचय कराती हैं।हम सबके भीतर असीम शक्ति और ऊर्जा है। उसे जागृत करे।योग ध्यान की सर्वोच्च विधि है। योग से मनुष्य को मानसिक और आत्मिक शांति मिलती है। जब व्यक्ति शांत होगा तभी परिवार, समाज और राष्ट्र शांत होगा।आगामी 14-15 दिसंबर 2026 को काशी में होने वाले 25 हजार कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ के बारे में बताते हुए महाराज ने कहा कि यह यज्ञ विश्व कल्याण के लिए है। इसमें लाखों श्रद्धालु सबके सुख, शांति और सिद्धि की कामना के साथ आहुति देंगे।उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि सेवा, सत्संग और साधना को जीवन का अंग बनाएं। हमारे कारण किसी को दुःख न मिले।जिंदगी जीने में ही व्यतीत न हो जाए। जीवन में सकारात्मक बदलाव लाये। कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व नगर के गणमान्य लोगों ने संत विज्ञान देव जी महाराज का 51 किलो की पुष्पमाला पहनकर स्वागत किया। विहंगम योग के अनुयायी मनोज शर्मा ने कविता पाठ किया। कार्यक्रम में विहंगम योग के राष्ट्रीय संत किशनलाल शर्मा,पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा,दिनेशकुमार चोटिया, जगदीश प्रसाद शर्मा ,सत्यप्रकाश चोटिया, मनोज जोशी, नंदकुमार माटोलिया, सत्यनारायण सेवदा, बद्रीप्रसाद बणसिया, रघुनंदन धरेंद्र ,पूर्व पालिकाध्यक्ष किशोरी लाल बील, लिट्टूकल्पना कांत, संतोष इंदौरिया, हेमंत सारस्वत, सुरेश मुरारका, देवकीनंदन रिणवा, ओम मंगलहारा, भागीरथसिंह, वासुदेव सांगानेरिया, अंबिकाप्रसाद हारित, लक्ष्मीनारायण बणसिया, मुरारीलाल पारीक,पदेन पुजारी अजय इंदौरिया, निलेश इंदौरिया, सुशील इंदोरिया, रवि इंदौरिया, श्यामसुंदर जोशी,एड.विनोद नौहाल, शिवशंकर सेवदा,रमाकांत रुथला, अंजनी कुमार चोटिया, कन्हैयालाल बुढ़ाढरा,निरंजन रूथला सहित ग्राम क्षेत्र से आए तथा नगर के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।कार्यक्रम के पश्चात महाप्रसाद का आयोजन किया गया।