अस्पताल में एक माह से वैक्सीन की सप्लाई नहीं, शिशुओं का नियमित टीकाकरण प्रभावित
अबूबकर बल्खी
लाडनूं (नवयत्न) । राजकीय उपजिला चिकित्सालय में पिछले करीब डेढ़ माह से रोटा वायरस वैक्सीन की सप्लाई नहीं पहुंचने के कारण शिशुओं का नियमित टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने से अस्पताल आने वाले अभिभावकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है, जबकि यह टीका छोटे बच्चों को रोटावायरस संक्रमण से बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
चिकित्सकों के अनुसार रोटा वायरस छोटे बच्चों में गंभीर दस्त (डायरिया), उल्टी और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का प्रमुख कारण है। समय पर वैक्सीन नहीं लगने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। चिकित्सकों के अनुसार यह टीका शिशुओं के निर्धारित टीकाकरण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है और तय समय पर लगाया जाना आवश्यक होता है।
राजकीय उपजिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. भरत कसेरा ने बताया कि रोटा वायरस वैक्सीन का अभाव केवल लाडनूं तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के डीडवाना , कुचामन, सीकर, नागौर और झुंझुनूं जिलों में भी इसकी कमी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि नागौर से वैक्सीन की सप्लाई नहीं मिलने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जैसे ही वैक्सीन उपलब्ध होगी, शिशुओं का टीकाकरण पुनः शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय निवासी आकाश जैन और मोहम्मद इशाक छींपा ने बताया वैक्सीन की कमी से विशेष रूप से छोटे बच्चों के अभिभावक चिंता में हैं। समय पर टीकाकरण करवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें वंचित रहना पड़ रहा है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द वैक्सीन की आपूर्ति सुनिश्चित करवाने की मांग की है। ताकि शिशुओं का नियमित टीकाकरण प्रभावित न हो और उन्हें गंभीर संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके।