पारणा कार्यक्रम का आयोजन, तपस्वी नाहर का हुआ सम्मान
अबूबकर बल्खी
लाडनूं (नवयत्न) । शहर के पंचौलियों की पोल में पारणा कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां अरविंद नाहर ने जैन धर्म की कठिन एवं पुण्यदायी साधना अढ़ाई तप को सफलतापूर्वक पूर्ण कर क्षेत्र में तप, संयम और आस्था का संदेश दिया है। अरविंद स्वर्गीय कन्हैयालाल नाहर के पुत्र हैं। उनके इस तप को लेकर समाज में विशेष उत्साह का माहौल नजर आया। जैन धर्म में अढ़ाई तप को अत्यंत कठिन साधना माना जाता है, जिसमें साधक लगातार उपवास, संयम और अनुशासन का पालन करते हुए आत्मशुद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में अग्रसर होता है। इस तप के दौरान नाहर ने श्रद्धा और धैर्य का परिचय देते हुए सभी नियमों का पूर्ण पालन किया। तप के दौरान आठ दिनों तक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तेरापंथ युवक परिषद एवं तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में भजन, स्तवन और भक्ति कार्यक्रम हुए, जिनमें समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। अढ़ाई तप पूर्ण होने पर पारणा कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर लाडनूं तहसीलदार अनिरुद्ध देव पांडे ने नाहर का शोल ओढाकर सम्मान किया। इस दौरान गौतम नाहर, उम्मेद बोकाडिया, आलोक खटेड़, सुरेश मोदी, मन्नालाल बेद, जौहरी मल दूगड़, उम्मेद नाहर, सुनील बोहरा, व्यवसायी सुमित जांगिड़, निदेशक दिनेश धेड़ू, खुबचंद सिंधी, डॉ वीरेंद्र मंगल भाटी सहित गणमान्य लोग शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान आचार्य महाश्रमण आवास व्यवस्था समिति द्वारा तपस्वी अरविंद नाहर का अभिनंदन एवं अनुमोदन किया गया।