वर्तमान किसानों एवं आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी – बृजेंद्र सिंह ओला
जय जांगिड़
झुंझुनू (नवयत्न)। झुंझुनूं से माननीय सांसद बृजेंद्र सिंह जी ओला ने आज लोकसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों का मुद्दा उठाया।
सांसद महोदय ने कहा कि सरकार ने अपने उत्तर में स्वीकार किया है कि वर्ष 2050 तक जलवायु परिवर्तन के कारण धान, गेहूँ और मक्का जैसी प्रमुख फसलों की उत्पादकता में भारी गिरावट आ सकती है। साथ ही बढ़ते तापमान का असर दूध उत्पादन, भूजल संसाधनों और चरम मौसमी घटनाओं पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने खतरे की गंभीरता तो स्वीकार की, लेकिन किसानों की सुरक्षा, कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई स्पष्ट, समयबद्ध और जवाबदेह कार्ययोजना नहीं बताई। भविष्य की पीढ़ी का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए जलवायु संकट पर निर्णायक कदम उठाने चाहिए।
सांसद ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव केवल भविष्य की चुनौती नहीं, बल्कि आज भी किसानों की आय पर सीधा प्रहार कर रहा है। अनियमित वर्षा, लू, सूखा, बाढ़ और ओलावृष्टि जैसी चरम मौसमी घटनाओं के कारण फसल उत्पादन घट रहा है, जिससे किसानों की आय लगातार प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार को वर्तमान में भी किसानों की आय बढ़ाने एवं उनकी फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
सांसद ने वर्तमान एवं भविष्य की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब कृषि भूमि लगातार घट रही है और उत्पादन में कमी का अनुमान है, तब बढ़ती जनसंख्या के बीच देश की खाद्य सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। इसलिए किसानों के लिए जल संरक्षण, जलवायु-अनुकूल कृषि, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरण संरक्षण हेतु विशेष कार्ययोजना , नीति की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान का संकट है और इससे निपटने के लिए सरकार को केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि ठोस और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। एक ठोस नीति की आवश्यकता है। नहीं तो वर्तमान एवं आगामी पीढ़ियाँ कभी माफ नहीं करेगी।